पाकिस्‍तान की आतंकी सूची में हाफिज सईद का नाम शामिलUpdated: Sat, 18 Feb 2017 08:34 PM (IST)

लोगों के मारे जाने के बाद ही सही पाकिस्तान ने भारत के गुनहगार हाफिज सईद को आतंकी मान लिया है।

जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। खुद पर गुजरी तो पाकिस्तान को थोड़ा होश आया। आतंकी घटनाओं में सौ से ज्यादा लोगों के मारे जाने के बाद ही सही पाकिस्तान ने भारत के गुनहगार हाफिज सईद को आतंकी मान लिया है। उसके चार अन्य साथियों को भी आतंकी सूची में शामिल किया गया है।

हालांकि, पाक की इस कार्रवाई को भी उसकी मंशा की बजाय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से उलटी कार्रवाई का डर और भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरेबंदी के दबाव के रूप में देखा जा रहा है। बहरहाल, अब भारत के लिए यह साबित करना आसान है कि किस तरह तमाम आतंकियों को पाकिस्तान पहले बचाता है और फिर दबाव पड़ने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करता है।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत ने आतंकी संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद और उसके चार सहयोगियों को आतंकरोधी कानून के तहत चौथी अधिसूची में शामिल किया है। चार अन्य में सईद के दायें हाथ माने जाने वाले काजी कासिफ के अलावा अबदुल्लाह ओबैद, जफर इकबाल और अब्दुर रहमान आबिद के नाम शामिल हैं। इसका मतलब है कि ये सभी शख्स किसी न किसी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। लिहाजा, पाकिस्तान अब कानूनी तौर पर स्वीकार कर रहा है कि हाफिज सईद आतंकी है।

कड़े हैं इस कानून के प्रावधान

पाकिस्तान के इस कानून के मुताबिक इस सूची में शामिल लोगों की संपत्तियां जब्त कर ली जाती हैं, उनके पुराने सभी धंधों की जांच की जाती है, उनके पैसे के हिसाब-किताब की जांच की जाती है, उनके किसी भी बाहरी व्यक्ति से मिलने जुलने पर रोक लग जाती है। साथ ही उनके खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों की जांच की जाती है।

सईद 30 जनवरी, 2017 से ही नजरबंद है, लेकिन पाकिस्तान ने इसके पहले 2008 में भी सईद को गिरफ्तार किया था। फर्क यह है कि इस बार जिस कानून के तहत उसका नाम शामिल किया गया है वह पहले से काफी सख्त है। भारत के रणनीतिकारों के उत्साहित होने के पीछे यह भी एक अहम वजह है।

सर्जिकल स्ट्राइक पर दे रहे थे धमकियां

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हाफिज सईद और काजी कासिफ पिछले कुछ समय से कश्मीर मुद्दे पर लगातार न सिर्फ सार्वजनिक रैलियां आयोजित कर रहे थे, बल्कि भारत को खुलेआम सर्जिकल स्ट्राइक और कश्मीर मामले पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दे रहे थे। अब भारत इस बात पर नजर रखेगा कि सईद और उसके साथियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।

हालांकि, भारतीय पक्ष मानता है कि पाक अब आगे सईद को लेकर सख्ती दिखाए या न दिखाए, भारत उसके खिलाफ जो बातें कह रहा था उसे पाकिस्तान ने भी एक तरह से स्वीकार कर लिया है। अभी तक पाकिस्तान की तरफ से कहा जाता रहा है कि सईद की गतिविधियां पूरी तरह से राहत कार्य व राजनीतिक रैलियों तक सीमित हैं।

लेकिन अब यह तर्क नहीं दिया जा सकेगा। ऐसे में भारत अब पाक सेना और सरकार के सहयोग से फल फूल रहे तमाम आतंकी संगठनों के बारे में अब ज्यादा पुख्ता तरीके से अपनी आवाज तमाम देशों के सामने रख सकेगा।

क्यों की कार्रवाई

1. ट्रंप प्रशासन के भावी प्रतिबंधों से पहले साफ दिखने की कोशिश

2. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के लगातार हमलों से बचने की तरकीब

भारत के भावी कदम

1. पाक के आतंकी चेहरे को बेनकाब करने के लिए मिला हथियार

2. मसूद अजहर पर कार्रवाई को लेकर भी बढ़ाया जाएगा दवाब

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