बांग्‍लादेश से म्‍यांमार लौटेंगे रोहिंग्‍या शरणार्थी, जल्‍द शुरू होगी प्रक्रियाUpdated: Thu, 28 Sep 2017 01:22 PM (IST)

रोहिंग्‍या शरणार्थियों के म्यांमार लौटने की प्रक्रिया उन सिद्धांतों पर आधारित होगी, जिसपर 1993 में म्यांमार और बांग्लादेश दोनों ने सहमति जताई थी।

नई दिल्‍ली। म्यांमार के रखाइन प्रांत में फैली हिंसा के बाद देश छोड़कर बांग्लादेश भागे रोहिंग्या मुसलमानों की जल्द म्यांमार वापसी होगी। म्यांमार सरकार ने रोहिंग्या शरणार्थियों के लौटने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि म्‍यांमार में इसके लिए योजना तैयार कर दी गई है। इसके लिए राष्ट्रीय सत्यापन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सामाजिक कल्याण, राहत और पुनर्वास मंत्री यू विन मिट आइ ने बताया कि सत्‍यापन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले एक मंत्री बांग्लादेश की यात्रा करेंगे। रोहिंग्‍या शरणार्थियों के लौटने की प्रक्रिया उन सिद्धांतों पर आधारित होगी, जिन पर म्यांमार और बांग्लादेश दोनों ने 1993 में सहमति जताई थी।

उन्‍होंने बताया कि वर्तमान योजना के तहत सत्यापित शरणार्थियों को दार्जिइजर गांव में बसाना होगा। रखाइन राज्य के कुछ मुस्लिम समुदायों के नेताओं ने इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। हालांकि काउंसिलर आंग सान सू की ने उन्हें 19 सितंबर के भाषण में इस प्रक्रिया का जवाब देने के लिए कहा, उन्होंने कहा कि उनके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है।

म्यांमार सरकार ने रोहिंग्या हमले में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की संख्या का खुलासा किया है। सरकार के अाधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पिछले साल रखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुस्लिमों के हमलों में 163 लोगों की मौत हो गई और 91 लोग लापता हो गये।

म्यांमार सरकार का यह बयान म्यांमार में हिंदुओं के 45 शव मिलने के बाद आया है। सरकार ने इसके लिए मुस्लिम विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.