म्यामांर को पांच दशक बाद मिला असैन्य राष्ट्रपतिUpdated: Tue, 15 Mar 2016 12:17 PM (IST)

नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) ने तिन क्यॉ को नामांकित किया था। वे फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं।

ने पी तॉ। करीब पांच दशक तक सैन्य शासन के अधीन रहे म्यामांर के इतिहास में मंगलवार को एक नया मोड़ आ गया। सांसदों ने नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू की के करीबी सहयोगी और विश्वस्त मित्र तिन क्या को देश का पहला असैन्य राष्ट्रपति चुन लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के नए राष्ट्रपति को बधाई दी है।

मोदी ने ट्वीट किया, "म्यांमार के राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर तिन क्या को बधाई और शुभकामनाएं। भारत-म्यांमार के संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए मिलकर काम करेंगे।" सर्वोच्च पद के लिए 69 वर्षीय तिन का चुना जाना सू की बड़ी जीत माना जा रहा है। संवैधानिक प्रावधानों के चलते सू की के राष्ट्रपति बनने पर रोक है। लेकिन तिन की जीत से उनके परदे के पीछे से इस पद की जिम्मेदारी संभालने का रास्ता साफ हो गया है।

तिन क्या को म्यामांर के 652 में से 360 सांसदों के मत मिले। मंगलवार को राजधानी ने पी तॉ में मतगणना की लंबी प्रक्रिया के बाद जब परिणाम की घोषणा की गई तो सांसद खुशी से झूम उठे। नव निर्वाचित राष्ट्रपति तिन ने कहा, "यह बहन आंग सान सू की की जीत है।" वह 1 अप्रैल को पदभार संभालेंगे।

उल्लेखनीय है कि 70 वर्षीय सू की की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी ने नवंबर में हुए चुनाव में भारी जीत दर्ज की थी। उनकी पार्टी को दोनों सदनों में भारी बहुमत मिला है। हालांकि इसके बावजूद देश में सेना ने अपनी पकड़ बनाए रखी है।

1962 में देश की सत्ता अपने हाथ में लेने वाली सेना ने संविधान में एक ऐसा प्रावधान कर रखा है जिससे वह सर्वोच्च पद काबिज नहीं हो सकती हैं। इसके अनुसार, जिसके करीबी परिजन विदेशी नागरिक हों, वह राष्ट्रपति नहीं बन सकता है। सू की के बेटों के पास विदेशी नागरिकता है।

यूं चुना जाता है म्यांमार का राष्ट्रपति

  • म्यांमार में राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष तरीके से होता है। इसके लिए तीन सदस्यों को नामांकित किया जाता है।
  • निचले सदन, ऊपरी सदन और सेना की ओर से अलग-अलग उम्मीदवार खड़े किए जाते हैं। इसके बाद दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में मतदान होता है।
  • सबसे ज्यादा मत पाने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति बनता है। हारने वाले प्रत्याशी उप राष्ट्रपति होते हैं। राष्ट्रपति कैबिनेट का गठन करते हैं।
  • एनएलडी ने ऊपरी सदन से हेनरी वंत्री को उम्मीदवार बनाया था। सेना की ओर से देश के पूर्व नौसैनिक प्रमुख थेट स्वे के नाम प्रस्तावित किए जाने का अनुमान है। म्यांमार की नई सरकार को एक अप्रैल से कार्यभार संभालना है।

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