आइसक्रीम की तरह delicious है इसके बनने की कहानीUpdated: Sun, 17 Jul 2016 03:53 PM (IST)

बच्‍चे हो या बड़े-बूढ़े, हर कोई आइसक्रीम के लिए दीवाना होता है। लेकिन, क्‍या आप जानते हैं कि ये आइसक्रीम आई कैसे?

मल्टीमीडिया डेस्क। बच्‍चे हो या बड़े-बूढ़े, हर कोई आइसक्रीम के लिए दीवाना होता है। लेकिन, क्‍या आप जानते हैं कि ये आइसक्रीम आई कैसे? इसे पहले कैसे बनाया जाता था? नहीं, तो कोई बात नहीं। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे बनी थी पहली बार आइसक्रीम। ऐसा माना जाता है कि अरब जगत के लोगों ने सबसे पहले आइसक्रीम के उत्पादन में बड़े पैमाने पर दूध का इस्तेमाल शुरू किया। वे इसमें फलों की बजाय चीनी मिलाकर इसे मीठा करते थे।

सिकंदर और नीरो से जुड़ी है आइसक्रीम के जन्म की कहानी

हालांकि, कई जानकार बताते हैं कि आइसक्रीम तैयार करने की पहली शुरुआत सिकंदर ने की थी। तकरीबन ढाई हजार साल पहले सिकंदर ने जब मिस्र को जीता, तो उसने जीत का जश्‍न मनाने के लिए ढेर सारी आइसक्रीम तैयार करने का आदेश दिया। हालांकि, यह आज की आइसक्रीम से भिन्न हुआ करती थी। सिकंदर के आदेश पर कारीगरों ने पंद्रह बड़े-बड़े गड्ढे खोदे और फिर उन्हें पहाड़ के ऊंचे शिखरों से लाई गई मुलायम, दूधिया बर्फ से भर दिया ताकि महान सिकंदर इस ठंडी मिठाई का भरपूर आनंद ले सके।

कुछ जानकारों का मानना है कि ईसा की पहली शताब्दी में रोम के शासक नीरो ने अपने सेवकों को आदेश दिया था कि पहाड़ों से बर्फ लाई जाए और उसे फलों के रस और शहद में मिलाकर यह ठंडी मिठाई तैयार की जाए।

फालूदा आइसक्रीम का इतिहास

फालूदा आइसक्रीम की शुरुआत ईरान और अफगानिस्तान से मानी जाती है। करीब 200 ईसा पूर्व के आस-पास चीन में चावल और दूध के मिश्रण को जमाकर खाने की परंपरा मिलती है।

ब्रिटेन और अमेरिका में 18वीं सदी में आई आइसक्रीम

18वीं सदी में ब्रिटेन और अमेरिका की रेसिपी में आइसक्रीम बनाने की आधुनिक विधि मिलती है। ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार, 1744 में पहली बार आइसक्रीम शब्द का उल्लेख मिलता है। दुनिया के पहले आइसक्रीम पार्लर की शुरुआत 1776 में अमेरिका में हुई थी।

20वीं सदी में ब्रिटेन में आइसक्रीम बनाने के आसान तरीके विकसित होने से इसकी खपत में बढोतरी हुई। उसी दौर में रेफ्रिजरेटर के अस्तित्व में आने के बाद इसको घरों में संरक्षित रखा जाना शुरू हुआ। साइकिल में लेकर इसे बेचने की शुरुआत लंदन में 1923 में हुई थी जिसमें बेचने वाले डिब्बे पर लिखा होता था- स्टॉप मी एंड बाई वन। अमेरिका आइसक्रीम का दुनिया में सबसे बड़ा उपभोक्ता है। दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया का नाम आता है।

क्रीमी आइसक्रीम

400 ईसा पूर्व में भारत और चीन के लोगों ने बर्फ और नमक की मदद से चीजों को जमाना सीख लिया था। कहा जाता है कि चीन के तांग राजवंश में दूध, चावल का आटा और कपूर मिलाकर पकवान बनाए जाते थे। एक बार यात्रा पर जाते हुए उसे खराब होने से बचाने के लिए बर्फ में पैकिंग की गई, जो जम गया। खाने पर यह सबको पसंद आया और संभवत: यहीं से हुआ आइसक्रीम का आविष्कार।

कुक की मौत के बाद यूरोप में आइसक्रीम बन गई बिजनेस

13वीं सदी के अंत में आइसक्रीम की रेसिपी एक व्यापारी मार्को पोलो यूरोप ले गए, जहां यह काफी पसंद की गई। 16वीं सदी में इटली में कैथरीन द मैडिको और फ्रांस में हेनरी द्वितीय आइसक्रीम ले आए। कहा जाता है कि 17वीं सदी के शुरू में आइसक्रीम को केवल शाही व्यंजन बनाने का प्रयास किया गया। इसके लिए इंग्लैंड के चार्ल्स प्रथम अपने कुक डिमाकरे को वार्षिक तौर पर 500 रुपए अधिक सेलरी देते थे। उनकी मौत के बाद आइसक्रीम एक बिजनेस के तौर पर पूरे यूरोप में मशहूर हो गई।

सॉफ्ट आइसक्रीम

आज जैसी आइसक्रीम हम खाते हो, उसका श्रेय जाता है 19वीं सदी की अमेरिकन शैली शेड को। पोर्टेबल फ्रीजर के आविष्कार से उन्होंने दूध, क्रीम, चीनी, नट्स, वेफर्स और कई फ्लेवर वाली बीटिंग प्रोसेस से सॉफ्ट आइसक्रीम बनानी शुरू की। उनकी बनाई आइसक्रीम राष्ट्रपति जेम्स मेडिसन के समय में व्हाइट हाउस के मेन्यू का हिस्सा बन गई। 19वीं सदी में अमेरिका के यूवान्सटन ने फ्रूट सीरप और सोडा मिला कर पहली बार संडे आइसक्रीम बनाई थी जो आज भी बच्चों-बूढ़ों को काफी पसंद है।

कोन वाली आइसक्रीम

कोन वाली आइसक्रीम सबसे पहले 19वीं सदी में बनी। पहले आइसक्रीम ग्लास या मैटल के कप में दी जाती थी। कप को संभालने में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए ऐसा कप या कोन बनाने की सोची गई, जिसे आइसक्रीम के साथ ही खाया जा सके। पहली बार इंग्लैंड में एंटोनिया वाल्वोना ने बिस्किट कप में आइसक्रीम भरकर बेचना शुरू किया। यह कप नीचे से समतल और ऊपर से पतला था। आजकल चलन में नुकीले कोन को बनाने का श्रेय जाता है अमेरिका के अर्नेस्ट हाम्बी को। तभी से तैयार हुआ दुनिया का पहला आइसक्रीम कोन, जिसे आज भी आइसक्रीम इंडस्ट्री अपनाए हुए है। हमारे देश में क्वालिटी वॉल्स, क्रीम बेल, मदर डेरी, अमूल, वाडीलाल, पैडल पॉप जैसी आइसक्रीम बनाने वाली बहुत सी कंपनियां हैं। इसके अलावा ज्ञानी, टॉप एन टाउन, बॉस्किन रॉबिन्स जैसे आइसक्रीम-पार्लर भी काफी मशहूर हैं।

भारत में आइसक्रीम कारोबार

एसोचौम की रिपोर्ट के अनुसार हाल के कुछ वर्षों में आइसक्रीम बाजार में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर हुई है। 60 प्रतिशत बिजनेस संगठित क्षेत्रों द्वारा ही होता है। इंडियन आइसक्रीम मेन्युफैक्चरर एसोसिएशन (आईआईसीएमए) के अनुसार, सबसे ज्यादा मांग आइसक्रीम के 500 मिली और एक लीटर के पैकट की है। विभिन्न चॉकलेट आइसक्रीम के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय फ्लेवर की मांग भी उपभोक्ताओं के बीच बढती जा रही है।

आइसक्रीम की 35 प्रतिशत खपत पश्चिमी क्षेत्रों गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और गोवा में होती है। केवल दिल्ली और गुजरात में ही कुल आइसक्रीम की 30 प्रतिशत खपत होती है।

संकलन - मनीष कुमार

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