ऐपल फैक्‍ट्री में आइफोन बनाने वाले वर्कर की मौतUpdated: Wed, 11 Mar 2015 05:42 PM (IST)

चीन में ऐपल आइफोन बनाने वाली फैक्‍ट्री में काम करने वाले एक एक 26 साल के युवक की मौत हो गई है

शंघाई। चीन में ऐपल आइफोन बनाने वाली फैक्‍ट्री में काम करने वाले एक एक 26 साल के युवक की मौत हो गई है। मौत के पीछे फैक्‍ट्री में काम के माहौल को जिम्‍मेदार ठहराया जा रहा है।

युवक शंघाई के पास पीगाट्रॉन फैक्‍ट्री में काम करता था, जहां ऐपल के सबसे ज्‍यादा प्रोडक्‍ट जिनमें आइफोन6 भी शामिल है का निर्माण होता है।

डेली मेल के अनुसार 26 साल के मृतक की पहचान टियान फुली के रूप में हुई है। वह पिछले एक हफ्ते से लगातार दिन के 12 घंटे फैक्‍ट्री में काम कर रहा था। टियान का शव उसके छात्रावास के कमरे में 3 फरवरी को मिला।

अपने बेटे को खो चुके परिवार ने कंपनी को उसकी मौत के लिए जिम्‍मेदार ठहराते हुए अरोप लगाया है कि टियान को काम के दौरान बिलकुल आराम नहीं मिला और उससे ओवरटाइम भी करवाया गया।

युवक की मौत के बाद उसका पोस्‍टमार्टम नहीं किया गया क्‍योंकि उसके परिवार को यह बताया गया था कि इसके उन्‍हें 20,000 युआन देने होंगे। पोस्‍टमार्टम नहीं होने की वजह से मौत का कारण सामने नहीं आ पाया।

इस बीच टियान की 25 वर्षीय बहन टियान जहोमेई का आरोप है कि उसका भाई पूरी तरह से स्‍वस्‍थ्‍य था और उसकी मौत फैक्‍ट्री में ओवरटाइम करने की वजह से हुई है। दूसरी तरफ पीगाट्रॉन स्थित कंपनी ने मृतक के परिवार को 80,000 युआन की मदद देते हुए इस बात से साफ इनकार किया है कि युवक की मौत का फैक्‍ट्री में काम के माहौल से कोई संबंध है।

युवक की मौत के बाद ऐपल फैक्‍ट्री में काम के माहौल और समय को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चीन के कानून के अनुसार फैक्‍ट्री में काम करने वाले लोग एक माह में 36 घंटे तक का ओवरटाइम कर सकते हैं वहीं ऐपल की गाइडलाइन के अनुसार उसकी फैक्‍ट्री में हर वर्कर को एक सप्‍ताह में 60 घंटे से ज्‍यादा का ओवरटाइम नहीं कर सकता।

फैक्‍ट्री में होने वाले काम पर नजर रखने वाली कंपनी चाइना लेबर वॉच की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल अक्‍टूबर, नवंबर और दिसंबर में फैक्‍ट्री में काम करने के औसत घंटे 60 थे जो कि दिसंबर में कम होकर 54.6 गए थे।

आंकड़ों के अनुसार सीएलडब्‍ल्‍यू का कहना है‍ कि वर्करों को पीगाट्रान फैक्‍ट्री में नवंबर 2014 में एक माह में 95 घंटे का ओवरटाइम किया था जो कि तय 36 घंटो की सीम से दोगुना से भी ज्‍यादा है।

मेल ऑनलाइन के अनुसार फैक्‍ट्री में ज्‍यादा काम करने की वजह से होने वाली मौत को लेकर किया जा रहा संदेह नया नहीं है। इससे पहले भी दिसंबर 2013 में कई लोगों की मौत हुई थी वहीं इसी साल अक्‍टूबर में एक 15 साल के लड़के की निमोनिया से मौत हो गई थी।

2010 में भी फॉक्‍सकॉन की शेनजेन स्थित फैक्‍ट्री में 15 वर्करों ने आत्‍महत्‍या कर ली थी। यह फैक्‍ट्री भी ऐपल के लिए प्रोडक्‍ट बनाती है।

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