रोहिंग्या मुसलमानों पर सू की की सफाई, रातों-रात दूर नहीं होगी समस्याUpdated: Thu, 07 Sep 2017 01:46 PM (IST)

रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार के मामले के मुद्दे पर आंग सान सू की कि चुप्पी का चारों तरफ विरोध हो रहा है।

नई दिल्ली। म्यांमार में पुलिस पर हुए हमले के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां रोहिंग्या मुसलमानों की बस्तियों में अभियान चला रही है। इस दौरान रोहिंग्या मुसलमानों के मारे जाने की भी खबरें सामने आ रही हैं। म्यांमार की सरकार पर भी मानवाधिकारों के हनन के आरोप लग रहे हैं। इस सबके बीच नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू की ने अपनी सफाई पेश की है।

म्यामांर की स्टेट काउंसिलर सू की ने कहा कि देश में रोंहिग्या मुसलमानों की समस्या दशकों पुरानी है। ऐसे में मुझसे यह उम्मीद करना कि मैं अपने 18 महीने के शासन में इस समस्या का समाधान कर दूंगी, ऐसा सोचना थोड़ा अनुचित होगा। सू की ने कहा कि म्यांमार सरकार आम लोगों के बीच से आतंकियों की पहचान कर रही है। ताकि बेगुनाहों का खून किसी भी कीमत पर न बहें। उन्होंने कहा कि हमारी इस समस्या को भारत बेहतर ढ़ंग से समझ सकता है।

नोबेल पुरस्कार विजेता सू की ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा करना हमारा फर्ज है। उनके मुताबिक सरकार अपना सर्वश्रेष्ठ कर रही है। मगर इसके लिए सरकार के पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। इसके बावजूद उनकी ओर से भरोसा दिलाया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को कानून के तहत सुरक्षा दी जाएगी।

रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार के मामले के मुद्दे पर आंग सान सू की कि चुप्पी का चारों तरफ विरोध किया जा रहा है। कुछ लोगों ने आंग सांग सू ची से अपना नोबेल पुरस्कार वापस लौटाने की मांग की। पाकिस्तान की नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता मलाला ने भी सूकी की चुप्पी पर सवाल उठाया था।

दरअसल म्यांमार के रखाइन प्रांत में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमान इन दिनों सेना की कार्रवाई से परेशान होकर दूसरे देशों में शरण के लिए पहुंच रहे हैं।

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