जर्मनी में दुनिया का सबसे बड़ा किताबों का मेला, 106 देशों की किताबें होंगी प्रदर्शितUpdated: Fri, 13 Oct 2017 08:36 AM (IST)

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में बुधवार से दुनिया का सबसे बड़ा किताबों का मेला शुरू हो गया।

फ्रैंकफर्ट। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में बुधवार से दुनिया का सबसे बड़ा किताबों का मेला शुरू हो गया। इस बार का मेहमान देश फ्रांस है। जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों ने मिलकर मेले का उद्घाटन किया। मेले में खासतौर पर 180 फ्रांसीसी लेखक हिस्सा लेंगे।

यह बुक फेयर प्रकाशक कंपनियों, किताबों, यहां आने वाले लोगों, एजेंट, पेशेवरों आदि की संख्या के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला माना जाता है। अपने 69वें साल में इस बार मेले में भारत सहित 106 देशों का प्रतिनिधित्व है। करीब 7,150 प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं।

15 अक्टूबर तक जारी रहने वाले इस मेले में करीब 2.78 लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। दुनिया का दूसरे सबसे बड़ा अंग्रेजी बुक मार्केट है भारतपेंग्विन रैंडम हाउस के सीईओ मार्कस दोहल ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित किया और बताया कि भारत और ब्राजील उनके लिए उभरते बाजारों में से एक हैं।

सीईओ के मुताबिक, भारत में 1.3 अरब युवा आबादी है। इनमें से 10 फीसदी अंग्रेजी बोलते हैं। यह ब्रिटेन की तुलना में दोगुना है। देखा जाए तो भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अंग्रेजी किताबों का मार्केट है।

दुनिया के चर्चित पुस्तक मेले, दिल्ली भी शामिल

-नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयरपहली बार 1972 में आयोजित हुआ। तब 200 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया था। यह भारत का दूसरा सबसे पुराना पुस्तक मेला और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अंग्रेजी भाषा का पुस्तक मेला है। इसमें 18 भाषाओं के 12 हजार प्रकाशक हिस्सा ले चुके हैं।

-बुक एक्सपो अमेरिकाअमेरिका का सबसे बड़ा पुस्तक मेला हर साल वॉशिंगटन डीसी में आयोजित होता है। हालांकि 2018 का आयोजन न्यूयॉर्क में होगा।

-बोलोग्ना चिल्ड्रन्स बुक फेयर1963 से यह मेला इटली के बोलोग्ना में आयोजित होता है। छह हॉल में होने वाले इस मेले में 25 हजार पुस्तक प्रेमी पहुंचते हें।

-इंटरनेशनल कोलकाता बुक फेयरदुनिया का सबसे बड़ा गैर-कारोबारी और एशिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला है। 1976 से हुई थी शुरुआत। काहिरा इंटरनेशनल बुक फेयरमिस्र के काहिरा में होने वाला यह अरब प्रकाशकों का सबसे बड़ा और सबसे पुराना पुस्तक मेला है। यहां करीब 20 लाख लोग पहुंचते हैं।

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