बच्चे का आखिरी नाम 'अल्लाह' रखने की कानूनी लड़ाई जीतीUpdated: Fri, 21 Apr 2017 10:17 AM (IST)

इस तरह से अब 23 महीने की बच्ची के पास बर्थ सर्टिफिकेट बन गया है और अब उसे सोशल सिक्योरिटी नंबर मिल सकेगा।

अटलांटा। जॉर्जिया ने आखिरकार एक बच्चे के आखिरी नाम 'अल्लाह' के साथ एक जन्म प्रमाणपत्र जारी किया है। माता-पिता के अंतिम नामों से बच्चे का नाम नहीं मिलता था, इसलिए पहले जॉर्जिया ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद माता-पिता की ओर से एक सिविल राइट ग्रुप ने मुकदमा दायर किया था।

अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन ऑफ जॉर्जिया ने एलिजाबेथ हैडी और बिलाल वॉक की ओर से पिछले महीने मुकदमा दायर किया था। उन्होंने बच्चे का नाम जलीखा ग्रेसफुल लॉरिना अल्लाह नाम का नाम चुना था। ग्रुप ने कहा कि यह मुकदमेबाजी को छोड़ रहा है क्योंकि जॉर्जिया के स्वास्थ्य विभाग ने उसी नाम के साथ जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया है, जो दंपति ने अपने बच्चे के लिए चुना था।

जॉर्जिया के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एंड्रिया यंग ने कहा कि यह अभिभावकों के अधिकारों का महत्वपूर्ण प्रमाण है। एलिजाबेथ और बिलाल के लिए लंबे समय से लंबित जीत मिली है। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसी दुनिया में नहीं रहना चाहता है, जहां सरकार आपको बताए कि आप आपके बच्चे का नाम क्या रख सकते हैं और क्या नहीं रख सकते हैं।

यह हमारे मूल्यों, विधायिका के इरादे और कानून के खिलाफ है। इस तरह से अब 23 महीने की बच्ची के पास बर्थ सर्टिफिकेट बन गया है और अब उसे सोशल सिक्योरिटी नंबर मिल सकेगा। यंग ने कहा कि अब उसे मेडिकल कवरेज मिल सकेगा और पब्लिक स्कूल में दाखिला मिल सकेगा।

डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ के वकील ने तर्क दिया था कि राज्य के कानून के अनुसार, बच्चे का उपनाम जरूरी होता है, जो उसकी माता या पिता का उपनाम होता है। उन्होंने कहा कि साल 2015 में पैदा हुई बच्ची का अंतिम नाम या तो हैंडी या वाक होना चाहिए या दोनों नामों का संयोजन होना चाहिए।

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