पाक सरकार ने हाई कोर्ट को बताया, सईद पर आतंकी कानून के तहत की कार्रवाईUpdated: Fri, 21 Apr 2017 11:32 AM (IST)

जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद को आखिरकार पाकिस्तान ने आतंकी मान लिया है।

लाहौर। पाकिस्तान सरकार ने लाहौर हाई कोर्ट में कहा है कि जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद और उसके चार सहयोगियों की नजरबंदी में किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है। सरकार का कहना है कि उनके खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून, 1997 के तहत कार्रवाई की गई है जो व्यक्तियों पर प्रतिबंध से संबंधित है।

अदालत में दाखिल अपने लिखित जवाब में पाकिस्तान के संघीय आतंरिक मंत्रालय ने जमात नेताओं की 30 जनवरी को की गई नजरबंदी का बचाव किया है। मंत्रालय ने कहा है कि विदेश मंत्रालय की एक रिपोर्ट पर जमात उद दावा और उसके सहयोगी संगठन फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन पर नजर रखी जा रही थी।

इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार के पास यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि जमात उद दावा और फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन ऐसी गतिवधियों में शरीक रहे हैं जो शांति व सुरक्षा के लिए खतरा हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के प्रति पाकिस्तान की जवाबदेही का भी उल्लंघन करते हैं।

पाकिस्तानी आंतरिक मंत्रालय ने अदालत से नजरबंदी को चुनौती देने वाली सईद और उसके साथियों की याचिका को खारिज करने का अनुरोध किया है। जस्टिस सदाकत अली खान की अध्यक्षता वाली पीठ ने रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद याचिका पर सुनवाई 27 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी।

बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने 30 जनवरी को हाफिज सईद और उसके चार साथियों (मलिक जफर इकबाल, अब्दुर रहमान आबिद, काजी कासिफ हुसैन और अब्दुल्ला उबैद) को लाहौर में नजरबंद कर लिया था।

सईद का कच्चा चिट्ठा

- 1948 में पाकिस्तान स्थित पंजाब प्रांत के सरगोधा में जन्म

- 1987 में हाफिज सईद, अब्दुल्लाह आजम और जफर इकबाल ने मिलकर आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा बनाया।

- 13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद पर हमले के बाद पाकिस्तान ने उसे 21 दिसंबर को हिरासत में लिया। 31 मार्च, 2002 तक वह हिरासत में रहा। 15 मई को दोबारा गिरफ्तार हुआ और 31 अक्टूबर को नजरबंद किया गया।

- 2006 में मुंबई ट्रेन धमाके के बाद पाकिस्तान ने उसे नौ अगस्त, 2006 को गिरफ्तार किया। लेकिन 28 अगस्त, 2006 को लाहौर हाई कोर्ट के आदेश पर उसे रिहा कर दिया गया। इसी दिन उसे फिर गिरफ्तार किया गया, लेकिन 17 अक्टूबर को कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दिया गया।

- 2008 में मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हाफिज सईद और जमात उद दावा को आतंकी सूची में शामिल करने की मांग की।

- संयुक्त राष्ट्र ने जमात उद दावा को लश्कर ए तैयबा से जुड़ा माना। 11 दिसंबर, 2008 को सईद फिर नजरबंद किया गया। 2009 में लाहौर हाई कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दिया गया।

- 25 अगस्त, 2009 को इंटरपोल ने भारत के आग्रह पर सईद और जकी उर रहमान लखवी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया।

- पाकिस्तान में उसे सितंबर 2009 में फिर नजरबंद किया गया। 12 अक्टूबर, 2009 में लाहौर हाई कोर्ट ने उसे सभी आरोपों से बरी किया और जमात उद दावा को प्रतिबंधित नहीं माना।

- अप्रैल, 2012 में अमेरिका ने 2008 के मुंबई हमले की साजिश के आरोप में उस पर एक करोड़ डॉलर का ईनाम घोषित किया।

- अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, रूस और ऑस्ट्रेलिया में भी लश्कर ए तैयबा आतंकी संगठन घोषित और प्रतिबंधित है।

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