पाक ने कश्मीर की पनबिजली परियोजनाओं का मांगा विवरणUpdated: Tue, 21 Mar 2017 12:25 AM (IST)

इसमें पाकिस्तान ने भारत से कश्मीर में निर्माणाधीन पनबिजली परियोजनाओं के डिजायन का विवरण मांगा है।

इस्लामाबाद सिंधु जल आयोग की दो दिवसीय बैठक सोमवार को बंद कमरे में शुरू हो गई। इसमें पाकिस्तान ने भारत से कश्मीर में निर्माणाधीन पनबिजली परियोजनाओं के डिजायन का विवरण मांगा है।

इसके अलावा उसने पाकिस्तानी विशेषज्ञों के उन परियोजनाओं का दौरा करने की अनुमति भी मांगी है ताकि वे यह देख सकें कि वहां सिंधु जल संधि का उल्लंघन तो नहीं हो रहा।

उड़ी आतंकी हमले के चलते दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव के कारण यह बैठक करीब दो साल बाद हो रही है।

सिंधु जल आयुक्त पीके सक्सेना के नेतृत्व में 10 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल मिर्जा आसिफ सईद के नेतृत्व वाले पाकिस्तानी दल के साथ बातचीत कर रहा है।

पाकिस्तान के जल और ऊर्जा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस वार्ता की शुरुआत को दोनों देशों के संबंधों के लिए अच्छा बताया है।

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रातले जलविद्युत संयंत्र पर सचिव स्तर की वार्ता अगले महीने की 12 तारीख को वाशिंगटन में शुरू होगी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान के स्थायी सिंधु जल आयुक्तों की बैठक के बाद स्थितियां सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगी।

बताते हैं कि पाकिस्तान की भारत से उसकी ओर बहने वाली नदियों पर निर्माणाधीन तीन भारतीय जलविद्युत परियोजनाओं (पाकल दुल, मियार, कालनई) पर कुछ चिंताएं हैं।

1,000 मेगावाट की पाकल दुल परियोजना चिनाब नदी पर, 120 मेगावाट की मियार परियोजना चिनाब के मियार नल्ला पर और 43 मेगावाट की कालनई परियोजना निचली कालनई नल्ला पर निर्माणाधीन हैं।

पाकल दुल और मियार परियोजना जम्मू-कश्मीर में और कालनई परियोजना हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले में स्थित है। सोमवार को शुरू हुई बैठक स्थायी सिंधु जल आयोग का 113वां सत्र है।

आयोग की पिछली बैठक 2015 में हुई थी। सितंबर 2016 में भी इसकी एक बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन उड़ी आतंकी हमले के कारण इसे निरस्त कर दिया गया था।

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