अमेरिकी चुनौती से दो गुनी ताकत से निपटेगा उत्तर कोरियाUpdated: Wed, 13 Sep 2017 08:00 PM (IST)

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ताजा प्रतिबंधों को उत्तर कोरिया ने अमेरिका की तरफ से नया हमला करार दिया है।

सियोल। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ताजा प्रतिबंधों को उत्तर कोरिया ने अमेरिका की तरफ से नया हमला करार दिया है। कहा है कि वह इससे निपटने के लिए अपने प्रयास दो गुने करेगा।

जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल आपूर्ति में 30 फीसद की कटौती को उत्तर कोरिया के खिलाफ छोटा कदम बताया है। उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल विकास कार्यक्रम को रोकने के लिए उन्होंने और कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता जताई है।

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ताजा प्रतिबंध उत्तर कोरिया के आत्मरक्षा के वैधानिक अधिकार का उल्लंघन करने वाले हैं। इसका उद्देश्य पूर्णतः आर्थिक नाकेबंदी करके उत्तर कोरिया और उसके नागरिकों को बदहाल कर देना है।

ऐसे में उत्तर कोरिया देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने प्रयासों को दो गुना करेगा। वह अमेरिका द्वारा खड़े किये जा रहे खतरों से निपटने और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत करेगा।

विदेश मंत्रालय का यह बयान उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनए ने जारी किया है। इससे पहले मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के राजदूत हान तेई सोंग ने कहा था कि उनका देश जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार है। वह अमेरिका को ऐसा दर्द देने की स्थिति में है जो उसने इतिहास में कभी नहीं झेला होगा।

सुरक्षा परिषद ने भारतीय समयानुसार सोमवार देर रात उत्तर कोरिया को तेल आपूर्ति में कटौती और टेक्सटाइल आयात पर रोक का अमेरिकी प्रस्ताव पारित किया था।

पेरू ने भी निकाला उत्तर कोरिया का राजदूत

मेक्सिको के बाद पेरू ने भी उत्तर कोरिया के राजदूत को देश से बाहर जाने के लिए कहा है। राजदूत को देश छोड़ने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। पेरू सरकार ने यह कदम उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण के विरोध में उठाया है। उत्तर कोरिया के राजदूत किम हाक-चोल ने पेरू के इस कदम को बेवजह और आग को भड़काने वाला बताया है।

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