केन्या में राष्ट्रपति चुनाव के बाद हिंसा में 24 की मौतUpdated: Sat, 12 Aug 2017 07:04 PM (IST)

केन्या में राष्ट्रपति चुनाव के बाद भी हिंसा का दौर जारी है। इसके चलते 24 लोगों की मौत हो गई।

नैरोबी। केन्या में राष्ट्रपति चुनाव के बाद भी हिंसा का दौर जारी है। राष्ट्रपति पद के लिए उहूरु केन्याता की विवादित जीत के विरोध में विपक्षी पार्टियां एकजुट हो गई हैं। इसके बाद भड़की हिंसा में अब तक दो नाबालिगों समेत 24 लोग मारे जा चुके हैं।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कहना है कि इनमें 17 लोगों की मौत शुक्रवार और शनिवार को नैरोबी में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से हुई है। दूसरी तरफ विपक्षी गठबंधन के प्रवक्ता जेम्स ओरेंगो ने सौ प्रदर्शनकारियों के मारे जाने का दावा किया है। मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष कागीरिया मोगोरी ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग की निंदा की है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि केन्याता ने चुनाव में धांधली करवाई है। इस कारण विपक्ष इसे स्वीकार करने से परहेज कर रहा है। चुनाव के परिणाम के विरोध में तमाम विपक्षी पार्टियां प्रदर्शन कर रही हैं। दूसरी तरफ सरकार ने किसी तरह के विरोध प्रदर्शन होने से इन्कार करते हुए कहा है कि कुछ इलाकों में सिर्फ आपराधिक वारदात की जानकारी है।

विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रायला ओडिंगा ने अपनी हार के बाद चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है। इसके बाद ही नैरोबी की झुग्गियों में विरोधियों का गुस्सा फूट पड़ा और इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ हाथापाई की। चुनाव आयोग ने केन्याता को 54.27 जबकि ओडिंगा को 44.17 प्रतिशत वोट मिलने की घोषणा की।

इसके पहले 2007 में भी मतदान के विरोध में केन्या में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे जिसमें 1,100 लोगों की मौत हो गई थी और करीब छह लाख से अधिक लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। सबसे अधिक हिंसक घटनाएं ओडिंगा का गढ़ कहे जाने वाले किसुमु और नैरोबी के इलाकों में हुई, जहां गोलीबारी के साथ ही कई जगहों पर आग लगाने की घटनाएं भी सामने आई।

72 वर्षीय ओडिंगा एक दिग्गज राजनीतिज्ञ हैं और राष्ट्रपति पद के लिए अपना आखिरी चुनाव लड़ रहे थे। नेशनल डेली ने अपने संपादकीय में लिखा कि केन्याटा को इस बार सभी वर्ग को अपनी सरकार में शामिल करना चाहिए।

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