गणतंत्र दिवस पर गूगल ने बीएसएफ की ऊंट टुकड़ी को बनाया डूडलUpdated: Tue, 26 Jan 2016 11:44 AM (IST)

गूगल ने मंगलवार को डूडल में सीमा सुरक्षा बल के सिपाहियों को ऊंट पर मार्च करते दिखाया है।

नई दिल्ली। राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड तो हर वर्ष सबके आकषर्ण का केन्द्र होती ही है, लेकिन इस जश्न का मजा और भी बढ़ाने के लिए गूगल ने मंगलवार को डूडल भारत के गणतंत्र दिवस समारोहों को समर्पित किया है। इसमें सीमा सुरक्षा बल के सिपाहियों को ऊंट पर मार्च करते दिखाया गया है। गूगल ने इस डूडल के जरिये भारत के 67 वें गणतंत्र दिवस की अपने तरीके से बधाई दी है।

डूडल में पगड़ी पहने सजे धजे बैंडवालों को मार्शल संगीत बजाते नजाकत से एक पंक्ति में छह रंग बिरंगे ऊंटों की सवारी करते हुए दिखाया गया है। प्रत्येक उंट पर 'गूगल' की स्पैलिंग का एक-एक अक्षर लिखा गया है। बीएसएफ देश का एक अकेला ऐसा बल है जिसे परिचालन और औपचारिक कर्तव्यों के लिए उंट दस्ता मिला हुए हैं। बीएसएफ द्वारा राजस्थान में भारत-पाक सीमा से सटे थार रेगिस्तान में गश्त करने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है।

इस बार ड्रेस रिहर्सल का हिस्सा न बनने के चलते ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि इस बार यह दस्ता गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा नहीं होगा। लेकिन इस भव्य समारोह से कुछ दिन पहले ही इसे समारोह की तैयारियों में शामिल किया गया। फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद इस बार गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि हैं।

परंपरा के अनुसार गणतंत्र दिवस पर बीएसएफ के सजे धजे जवान बेहतरीन पोशाकों और बड़ी-बड़ी मूंछों के साथ ठुमक ठुमक कर चलते इन ऊंटों की सवारी करते नजर आएंगे और उनके पीछे रंग बिरंगी पोशाकों में ऊंटों पर बैठे बैंडवाले सैन्य संगीत बजाएंगे। राजस्थान के जैसलमेर में स्थित 'गंगा रिसाला' के नाम से पहचाना जाने वाला बीएसएफ का यह ऊंट दस्ता बीकानेर रॉयल फोर्स की विरासत को संजोए हुए है।

हर साल एक दिसंबर को होने वाले बीएसएफ के स्थापना दिवस और गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए यह दस्ता नवंबर में दिल्ली आता है। गूगल ने 65 वें गणतंत्र दिवस पर भी बीएसएफ के मोटरसाइकिल पर सवार 'जांबाज' को राजपथ पर मशहूर पिरामिड गठन करते हुए दिखाया था।

1976 में 90 ऊंट के साथ हुई थी परेड

गणतंत्र दिवस परेड में ऊंटों की टुकड़ी पहली बार साल 1976 में शामिल हुई थी। इसमें 90 ऊंट शामिल हुए थे। इनमें से 54 ऊंट सैनिकों के साथ और बाकी बैंड के जवानों के साथ होते हैं। हालांकि इससे पहले भी 1950 से लेकर 1976 तक गणतंत्र दिवस परेड में सेना की इसी तरह की टुकड़ी शामिल होती थी, लेकिन बाद में इसकी जगह बीएसएफ की ऊंटों की टुकड़ी ने ली। दिलचस्प बात यह है कि यह दस्ता इस बार परेड में शामिल नहीं किया जा रहा था लेकिन इसे आखिरी वक्त में परेड का हिस्सा बनाया गया।

बीएसएफ देश का एकमात्र बल है, जिसके पास अभियानों और समारोह दोनों के लिए सुसज्जित ऊंटों का दल है। बीएसएफ के जवान राजस्थान में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर थार रेगिस्तान में गश्ती के लिए ऊंटों का इस्तेमाल करते हैं।

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