श्रीलंका ने टीम इंडिया को दिया था ऐसा दाग, जो शायद ही कभी धुल पाएUpdated: Mon, 17 Jul 2017 07:46 AM (IST)

श्रीलंकाई टीम ने इस मैच में भारत के खिलाफ ऐसा रिकॉर्ड बनाया था जिसे कोई भी टीम कभी भी अपने खिलाफ नहीं चाहेगी।

किरण वाईकर। भारतीय क्रिकेट टीम इसी महीने श्रीलंका के लंबे दौरे पर जाने वाली है। इन दो एशियाई दिग्गजों के बीच वैसे तो कई यादगार टेस्ट मैच खेले गए हैं, लेकिन 1997 के श्रीलंकाई दौरे के पहले टेस्ट मैच को भारतीय टीम कभी याद नहीं करना चाहेगी। श्रीलंकाई टीम ने इस मैच में भारत के खिलाफ ऐसा रिकॉर्ड बनाया था जिसे कोई भी टीम कभी भी अपने खिलाफ नहीं चाहेगी।

आप सोच भी नहीं सकते कि टेस्ट क्रिकेट में किसी भी पारी मे 950 से ज्यादा रन बने होंगे, लेकिन इतिहास में ऐसा एक बार हुआ और वह भी भारतीय टीम के खिलाफ। 1997 के दो टेस्ट मैचों के श्रीलंकाई दौरे के पहले टेस्ट में भारतीय टीम को इस शर्मनाक स्थिति से गुजरना पड़ा।

भारत की पहली पारी में बने तीन शतक :

इस मैच में टीम इंडिया ने पहली पारी 8 विकेट पर 537 रन बनाकर घोषित की। भारत की तरफ से नवजो‍तसिंह सिद्धू (111), कप्तान सचिन तेंडुलकर (143) और मोहम्मद अजहरूद्दीन (126) ने शतक जमाए थे।

विश्व रिकॉर्ड साझेदारी :

भारत के विशाल स्कोर का श्रीलंका ने ऐसा जवाब दिया था जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता है। मर्वन अत्तापत्तू (26) का विकेट गंवाने के बाद सनथ जयसूर्या और रोशन महानामा ने भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया। इन दोनों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए दूसरे विकेट के लिए 576 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की जो उस वक्त किसी भी विकेट के लिए साझेदारी का विश्व रिकॉर्ड था।

अंतिम दिन दर्शकों को फ्री में प्रवेश :

श्रीलंका चौथे दिन की समाप्ति के समय 1 विकेट पर 587 रन बना चुका था। जयूसर्या 326 और महानामा 211 रनों पर खेल रहे थे। जयसूर्या उस वक्त ब्रायन लारा के सर्वाधिक टेस्ट स्कोर (375) को तोड़ने से 50 रन पीछे थे। वे इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते थे, इसके मद्देनजर प्रेमदासा स्टेडियम में अंतिम दिन दर्शकों को फ्री में प्रवेश मिला, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।

रिकॉर्ड से चूके जयसूर्या :

अंतिम दिन अनिल कुंबले ने महानामा को 225 के निजी स्कोर पर आउट कर रिकॉर्ड साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद जयसूर्या भी ज्यादा देर नहीं टिक पाए और राजेश चौहान ने उन्हें 340 के निजी स्कोर पर आउट किया।

श्रीलंका ने तोड़ा इंग्लैंड का रिकॉर्ड :

जयसूर्या के आउट होने के बाद भी श्रीलंकाई पारी जारी रही और कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने 86 और महेला जयवर्धने ने 66 रनों का योगदान दिया। इस दौरान श्रीलंका ने इंग्लैंड के एक टेस्ट पारी में सर्वाधिक रनों (903/7) के कीर्तिमान को ध्वस्त किया। इंग्लैंड ने यह करिश्मा 1934 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था। श्रीलंका ने 6 विकेट पर 952 रनों का कीर्तिमान बनाकर पारी घोषित की। इसके बाद मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया।

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