कड़वा रहा गांगुली का ट्रेन का सफर, सीट को लेकर हुई बहस, जानिए फिर क्या हुआUpdated: Sun, 16 Jul 2017 11:22 PM (IST)

अपनी प्रतिमा का अनावरण करने पदातिक एक्सप्रेस से जा रहे थे, उनकी सीट पर बैठा था कोई और शख्स, उठाने पर कर दिया बवाल

कोलकाता। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के लिए 16 साल बाद ट्रेन का सफर कड़वा अनुभव रहा। शनिवार को गांगुली को उत्तर बंगाल के बालुरघाट में अपनी कांस्य से बनी प्रतिमा का अनावरण करना था।

इसके लिए उनका शुक्रवार रात कोलकाता के सियालदह स्टेशन से पदातिक एक्सप्रेस में मालदा तक का एसी फर्स्ट क्लास का आरक्षण था।

सौरव के साथ बंगाल क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव अभिषेक डालमिया भी थे। सौरव डेढ़ दशक से अधिक समय बाद ट्रेन में सफर कर रहे थे इसलिए ये उनके लिए एक यादगार लम्हा था। लेकिन जैसे ही वह अपनी सीट पर पहुंचे तो

उन्होंने देखा कि उस पर कोई और बैठा हुआ था। सौरव ने जब उनसे उठने को कहा तो वह बिगड़ गया और दिग्गज क्रिकेटर की शख्सियत की परवाह न करते हुए बवाल कर दिया।

इसके बाद खीझकर गांगुली ट्रेन से उतर गए। उन्हें देखकर प्लेटफार्म पर मौजूद लोग उनकी तरफ दौड़े। यह देख आसपास मौजूद आरपीएफ कर्मी भी मौके पर पहुंचे और भीड़ पर काबू पाया। गांगुली की सीट पर बैठा व्यक्ति उसे खाली करने के लिए तैयार नहीं हुआ।

काफी बहस के बाद दादा को एसी-2 कंपार्टमेंट में एक सीट दी गई। सूत्रों के मुताबिक तकनीकी कारणों से सीट संख्या को लेकर गड़बड़ी हुई थी। सौरव ने पिछली बार 2001 में ट्रेन से सफर किया था।

अटपटी-चटपटी

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