सचिन ने कहा, 2006-07 था भारतीय क्रिकेट टीम का सबसे बुरा दौरUpdated: Tue, 12 Sep 2017 09:31 PM (IST)

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने मंगलवार को कहा कि भारतीय टीम के लिए 2007 का विश्व कप संभवतः सबसे बुरा दौर था।

मुंबई। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने मंगलवार को कहा कि भारतीय टीम के लिए 2007 का विश्व कप संभवतः सबसे बुरा दौर था। एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे तेंडुलकर ने कहा कि हालांकि वेस्टइंडीज में 2007 विश्व कप के पहले दौर में टीम के बाहर होने के बाद भारतीय क्रिकेट में कई सकारात्मक बदलाव आए।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकार्डों के बादशाह इस खिलाड़ी ने कहा कि मुझे लगता है 2006-07 का सत्र हमारे (टीम) लिए संभवतः सबसे बुरा था। हम विश्व कप के सुपर 8 दौर के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर सके थे। लेकिन हमने वहां से वापसी की, नए तरह से सोचना शुरू किया और सही दिशा में आगे बढ़ना शुरू किया।

राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में उस विश्व कप में भारतीय टीम ग्रुप चरण में श्रीलंका और बांग्लादेश से हार कर बाहर हो गयी थी। तेंदुलकर ने कहा कि विश्व कप के बाद हमें कई बदलाव करने पड़े और एक बार जब हमने यह तय कर लिया कि टीम के तौर पर हमें क्या करना है तो हम पूरी शिद्दत के साथ उसे करने के लिए प्रतिबद्ध थे जिसके नतीजे भी आए।

अंतरराष्ट्रीय शतकों का शतक लगाने वाले इस बल्लेबाज ने कहा कि हमें कई बदलाव करने थे। हमें यह नहीं पता था कि वह सहीं है या गलत। यह बदलाव एक दिन में नहीं आया। हमें नतीजों के लिए इंतजार करना पड़ा। मुझे विश्व कप ट्रॉफी उठाने के लिए 21 वर्षो तक इंतजार करना पड़ा। महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में 2011 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के तेंडुलकर महत्वपूर्ण सदस्य थे।

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