बीफ बैन का असर, महंगा हो गया क्रिकेट खेलनाUpdated: Wed, 06 Jul 2016 11:15 AM (IST)

यूपी के कई इलाकों में बीफ पर बैन है। इसके चलते गाय के चमड़े की किल्लत हो गई है।

लखनऊ। बीफ बैन और क्रिकेट का क्या संबंध हो सकता है भला? उत्तरप्रदेश से आ रही यह खबर तो क्रिकेट के दीवानों के लिए चिंता वाली है।

दरअसल, यूपी के कई इलाकों में बीफ पर बैन है। इसके चलते गाय के चमड़े की किल्लत हो गई है। यहां बड़ी मात्रा में क्रिकेट की लेदर बॉल बनाई जाती हैं। चमड़े की कमी का असर इन गेंदों की कीमत पर पड़ने लगा है। एक अनुमान के मुताबिक, बीते माह में क्रिकेट गेंद की कीमतों में सौ फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।

मेरठ स्थित एक क्रिकेट बॉल ब्रांड के डायरेक्टर ने बताया, हमें यूके से चमड़ा मंगाना पड़ रहा है जो महंगा है। ऊपर से इम्पोर्ट ड्यूटी और अन्य टैक्स। कुल मिलाकर क्रिकेट खेलने वालों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। जो गेंद सालभर पहले तक 400 रुपए में बिकती थी, अब उसके लिए 800 रुपए वसूले जा रहे हैं।

कुछ भैंस के चमड़े से चला रहे काम

नामी ब्रांड वाली कंपनियां विदेशों या अन्य राज्यों से चमड़ा खरीद रही हैं, लेकिन छोटी ईकाइयों ने दूसरी जुगाड़ बैठाई है। ये भैंस के चमड़े का इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि इस चमड़े से अच्छी क्वीलिटी वाली गेंद नहीं बनती है।

बीडी महाजन एंड सन्स प्रालि के डायरेक्टर राकेश महाजन के मुताबिक, भैंस का चमड़ा गेंद की खोल बनाने के लिए अच्छा नहीं होता है। ऐसी गेंदों का रंग निकलता है और ये वाटरप्रूफ नहीं होती हैं।

वहीं भैंस की खाल से गेंद बनाने में वक्त भी ज्यादा लता है। जितने समय में गाय की खाल से दस गेंद बनाई जा सकती है, उतने में भैंस की खाली से महज छह गेंद ही बनती हैं।

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