Live Score

मैच ड्रॉ मैच समाप्‍त : मैच ड्रॉ

Refresh

जगमोहन डालमिया बन सकते हैं बीसीसीआई के नए अध्‍यक्षUpdated: Sun, 01 Mar 2015 09:24 AM (IST)

सूत्रों की मानें तो जगमोहन डालमिया बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बन सकते हैं। वार्षिक आम बैठक चेन्नई में दो मार्च को होनी है।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) की वार्षिक आम बैठक चेन्नई में दो मार्च को होनी है और इसमें नया अध्यक्ष चुना जाना है। एन श्रीनिवासन और शरद पवार ग्रुप अपना समर्थन आंकने में लगे हैं। शनिवार की रात को अधिकतर सदस्य चेन्नई पहुंच गए हैं।

अगर सूत्रों की मानें तो जगमोहन डालमिया बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बन सकते हैं। इसके लिए श्रीनिवासन गुट के लोग डालमिया को बिना शर्त अपना समर्थन दे सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि डालमिया को समर्थन देने के पीछे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर शरद पवार कैम्प के लोगों ने डालमिया को समर्थन दिया, तो श्रीनिवासन की स्थिति कमजोर हो सकती है, जिसके चलते उनकी आईसीसी की पोस्ट भी छिन सकती है।

बीसीसीआई अध्यक्ष पद के लिए आज दोपहर 3 बजे तक नॉमिनेशन भरे जाएंगे। उम्मीदवारों की फाइनल सूची शाम छह बजे तक साफ हो जाएगी। बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि रविवार को तय हो जाएगा कि कौन अगला बीसीसीआइ अध्यक्ष बनने वाला है। पूर्व बीसीसीआइ और वर्तमान आइसीसी चेयरमैन श्रीनिवासन खुद चुनाव नहीं लड़ सकते, लेकिन वह अपने चहेते शिवलाल यादव या संजय पटेल को इस पद पर बैठाना चाहते हैं।

वहीं, विरोधी गुट पूर्व आइसीसी व बीसीसीआइ अध्यक्ष पवार को इस कुर्सी पर बैठाना चाहता है। मुंबई क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि के तौर पर पवार भी चेन्नई पहुंच गए हैं और एकतरफा चुनाव होने की दृष्टि में ही नामांकन भरेंगे।

बीजेपी सांसद अनुराग भी दौड़ में

हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के प्रमुख और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर को जेटली ने तटस्थ उम्मीदवार के तौर पर प्रस्तावित किया था, लेकिन बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने रोड़ा अटका दिया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो मैं ही चुनाव लड़ जाता हूं।

श्रीनिवासन का आखिरी रास्ता

श्रीनिवासन इस बात के लिए जोर लगा रहे हैं कि अगर उनके गुट का कोई व्यक्ति अध्यक्ष नहीं बनता है तो बीच का रास्ता निकाला जाए। वह पवार को समर्थन देंगे और खुद आइसीसी चेयरमैन बने रहने का समर्थन मांगेंगे। कुछ भी हो अगले दो दिन बहुत रोचक होने वाले हैं।

पूरा समर्थन तो कूदेंगे पवार

श्रीनिवासन और पवान ने अभी अपने पत्‍ते नहीं खोले हैं। पवार ने दो दिन पहले कहा था, मैंने इस पर फैसला नहीं किया है। मैं (अध्‍यक्ष पर का चुनाव लड़ने का) इच्‍छुक नहीं हूं, लेकिन जानने वालों का कहना है कि पवार जो कहते हैं उससे उल्‍टा ही करते हैं। यदि उन्‍हें लगता है कि श्रीनिवासन को हटाने के लिए उनके पास पर्याप्‍त संख्‍या बल है तो वह चुनाव मैदान में कूद जाएंगे।

वर्तमान में भाजपा किसी भी उम्‍मीदवार के भाग्‍य का फैसला करने में अहम भूमिका निभा सकती है, क्‍योंकि 31 मतों में से आठ पर उसका नियंत्रण है। पवार ने हाल में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर समर्थन मांगा था। पवार गुट कह रहा है कि उसे समर्थन मिलना तय है। विरोधी गुट का कहना है कि पवार को ठोस आश्‍वासन नहीं मिला।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.