इस मैच के बाद उठी धोनी को टीम से बाहर करने की बात, जानें पूरा विवादUpdated: Mon, 13 Nov 2017 12:53 PM (IST)

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी राजकोट T-20 मैच के बाद धोनी की बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठाए हैं।

मल्टीमीडिया डेस्क। वन-डे और T-20 में भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों अपने खराब फॉर्म की वजह से सुर्खियों में हैं। यही वजह है कई पुराने खिलाड़ियों ने उन्हें ट्वेंटी-20 टीम से बाहर करने तक की बात बोल डाली।

इसकी शुरुआत राजकोट में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे T-20 मुकाबले में भारत को मिली शर्मनाक हार के बाद शुरू हुई। सीरीज के दूसरे मैच में भारत को चालीस रन से हार मिली थी। इस हार का सबसे बड़ा विलेन महेंद्र सिंह धोनी का माना गया।

इस मैच में धोनी ने यूं तो 36 गेंद पर 49 रन बनाए थे, मगर इस मैच में धोनी ने 26 रन बाउंड्री के जरिए सिर्फ 5 बॉल में ही बटोरे थे, जिसमें 3 छक्के और 2 चौके शामिल थे। लेकिन बाकी की 32 बॉल में वह सिर्फ 23 रन ही बना पाए।उनकी धीमी बल्लेबाजी को ही हार की बड़ी वजह माना गया। फैंस के अलावा पुराने साथी खिलाड़ियों ने भी धोनी की जमकर आलोचना की। शुरुआत अजीत आगरकर ने की।

अजीत आगकर ने धोनी के T-20 करियर पर खड़े किया सवाल-

न्‍यूजीलैंड के खिलाफ राजकोट T-20 मुकाबले में मिली हार के बाद आगरकर ने कहा था कि भारत को क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट( टी20) में धोनी से अलग कुछ सोचने की जरुरत है। उन्होंने ये भी कहा था कि टीम इंडिया शायद ही इस फॉर्मेट में एमएस धोनी की कमी महसूस करेगी। हालांकि अपने इस बयान के बाद आगरकर को सोशल मीडिया पर ट्रोल होना पड़ा था। कई फैंस ने तो यहां तक कह दिया था कि एक विधायक पीएम के काम पर कमेंट कर रहा है।

लक्ष्मण ने भी इस फॉर्मेट से धोनी के संन्यास की बात कही-

इसके अलावा वीवीएस लक्ष्मण ने भी धीमी बल्लेबाजी को लेकर धोनी की आलोचना की थी। संन्यास ले चुके इस दिग्गज खिलाड़ी ने कहा कि धोनी वनडे टीम का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन समय आ गया है कि सबसे छोटे फॉर्मेट में किसी और को निखारा जाए। उन्होंने कहा कि धोनी ने दूसरे टी20 मैच में 37 गेंद में 132 के स्ट्राइक रेट से 49 रन की पारी खेली थी, जो बुरा प्रदर्शन नहीं है, लेकिन पिछले एक साल में उनका स्ट्राइक रोटेट करने में नाकाम रहना चिंता की बात है।

T-20 में बल्लेबाजी का अंदाज बदले धोनी: गांगुली

वहीं टीम इंडिया में धोनी को लाने वाले पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी धोनी की बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि धोनी को T-20 मैच के प्रति अपनी सोच और रवैया बदलना होगा। इतना ही नहीं गांगुली ने कहा कि वनडे के मुकाबले धोनी का टी-20 रिकॉर्ड उतना अच्छा नहीं है। ऐसे में कप्तान कोहली और टीम मैनेजमेंट को उनसे बात करनी चाहिए।

धोनी को मिला कप्तान विराट का साथ-

इस मैच के बाद जितने खिलाड़ी धोनी को टीम इंडिया से बाहर करने की वकालत कर रहे थे, उतने ही उनके समर्थन में भी उतरे। खासतौर पर कप्तान विराट कोहली से जब धोनी के T-20 करियर को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'पहले, तो मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि लोग उन पर उंगली क्यों उठा रहे हैं? मैं इस बात को समझ नहीं पा रहा हूं।'

कप्तान कोहली ने कहा, 'अगर मैं तीन बार अपनी क्षमता को साबित करने में असफल रहता हूं, तो कोई भी मुझ पर उंगली नहीं उठाएगा, क्योंकि मैं 35 साल का नहीं हूं। वह (धोनी) फिट हैं और उन्होंने सारे फिटनेस टेस्ट पास किए हैं।

धोनी से जलते हैं कुछ लोग: कोच शास्त्री

कोहली के अलावा टीम के कोच रवि शास्त्री भी खुलकर धोनी के समर्थन में आए और एक अखबार को दिए इंटरव्यू में शास्त्री ने कहा था कि कुछ बुरे लोग धोनी के करियर को खत्म गोते हुए देखना चाहते हैं।

शास्त्री यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि,“ ऐसा लग रहा है कि उनके आस-पास उनसे जलने वाले लोग हैं, जो केवल उनके करियर में बुरे दिन देखना चाहते हैं। कुछ लोग ऐसे हैं, जो धोनी के करियर के खत्म होने का ही इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, उनके जैसे बेहतरीन खिलाड़ी अपना भविष्य खुद तय करते हैं।”

गौतम ने भी बोली धोनी को लेकर 'गंभीर' बात-

वहीं धोनी के समर्थन में गौतम गंभीर भी खुलकर आए थे। गंभीर ने T-20 टीम से धोनी की विदाई के बारे में बोल रहे दिग्गज खिलाड़ियों पर निशाना साधा था। गंभीर ने कहा- "धोनी ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो किया है, वह किसी से छिपा नहीं है। धोनी ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वो बाकी क्रिकेटर्स को नसीब नहीं होती।"

इसलिए धोनी की आलोचना करने वालों को पहले सोच लेना चाहिए कि वह क्या बोल रहे हैं। गौतम गंभीर ने कहा कि हर समय भारतीय टीम की हार के लिए धोनी को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है।

इसके अलावा सहवाग ने भी धोनी की बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठाए तो थे, मगर निशाना टीम मैनेजमेंट पर साधा था कि वो इस टीम में धोनी को उनकी भूमिका साफ करें, ताकि वो खुलकर बल्लेबाजी कर सकें।

राजकोट ट्वेंटी-20 मैच के बाद बल्लेबाजी और संन्यास को लेकर उठे सवालों पर अब जाकर धोनी ने चुप्पी तोड़ी, मगर अपने पुराने कैप्टन कूल वाले अंदाज में धोनी ने वैसा ही सधा हुआ जवाब दिया। जिसकी उनसे उम्मीद की जाती है। अपने बयान में धोनी ने उन दिग्गज खिलाड़ियों पर सीधे कुछ भी नहीं कहा, जो उन्हें T-20 टीम से बाहर किए जाने की वकालत कर रहे हैं।

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