सावन के दूसरे सोमवार पर भगवान शिव को ऐसे करें खुशUpdated: Fri, 14 Jul 2017 07:33 PM (IST)

शिवालयों के अलावा घर में भी आप इस तरह नीचे दी गई पूजा विधि के द्वार भगवान शिव को प्रसन्न कर सकते हैं।

देवों के देव महादेव की भक्ति के लिए सोमवार का दिन बेहद शुभ माना जाता है। सावन सोमवार को शिव पूजा का अपना अलग महत्व है क्योंकि इस दिन अवसरों का शुभ और पुण्य योग बनता है। यही वजह है कि सावन माह में शिव भक्ति मनचाहे फल देने वाली मानी गई है।

इसी कड़ी में सावन माह के दूसरे सोमवार पर व्रत कर शिवालयों में जाकर शिव पूजा, जलाभिषेक और आराधना से मिलने वाले फल शास्त्रों में बताए गए हैं। कल (17 जुलाई) को सावन का दूसरा सोमवार व्रत आपके जीवन से जुड़ी कई परेशानियों और उलझनों से निजात दिलाने वाला होगा। शिवालयों के अलावा घर में भी आप इस तरह नीचे दी गई पूजा विधि के द्वार भगवान शिव को प्रसन्न कर सकते हैं।

जानिए सावन के दूसरे सोमवार पर व्रत व शिव उपासना करने की विधि-

  • सूर्योदय से पहले जागकर स्नान कर लें।
  • गंगाजल या किसी भी तीर्थ के पवित्र जल से पूरे घर को शुद्ध करें, अर्थात छिड़काव करें। इससे घर पवित्र होकर शिव पूजा के योग्य बनता है।
  • मंदिर में सफेद वस्त्र पहनकर शिव पूजा के लिए बैठे, या घर में भी सफेद वस्त्र पहनकर ही पूजा विधि शुरू करें।
  • शिव-पार्वती और गणेश की मूर्ती के सामने संकल्प लें। बिना किसी लालसा के भगवान गणेश का ध्यान और पूजन करें।
  • भगवान गणेश के बाद अपनी समस्याओं और मनोकामनाओं को शिव का ध्यान कर उनके सामने रखे।
  • शिव के पंचाक्षरी या षडाक्षरी मंत्र 'ॐ नम: शिवाय' से शिव की पूजा और 'ॐ नम: शिवायै' से पार्वती जी की पूजा करें।
  • उसके बाद भगवान शिव का पंचामृत (जल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर ) से स्नान किजिए।
  • चंदन, बिल्वपत्र, भांग, धतूरा, जनेऊ, रोली, नैवेद्य, का अर्पण करें।
  • शिवलिंग में एक मुट्ठी सफेद तिल अर्णण करें। इससे विशेष काम में लंबे समय से आ रही बाधा दूर होती है, जिससे पारिवारिक व सामाजिक प्रतिष्ठा और यश मिलता है।
  • शिव-पार्वती कथा का श्रवण करें। पूजा के बाद देसी घी से भगवान शिव की आरती करें।
  • प्रसाद का वितरण ज्यादा से ज्यादा लोगों तक करें, ताकि भगवान शिव की कृपा आप पर बनी रहे।
  • पूजा शाम को करें और रात में भोजन करें।

सावन के दूसरे सोमवार को उपवास रखने से मिलने वाला फल

  • विरोधी या शत्रु पस्त होते हैं।
  • लंबे समय से परेशान कर रही बीमारी से छुटकारा मिलता है।
  • परिवार में कलह और अशांति के कारणों का शमन होता है।
  • शासकीय कामों में आ रही परेशानियां दूर होती हैं।
  • अदालती मामलों में मनचाही सफलता मिलती है।
  • अनहोनी, दुर्घटना या अकाल मृत्यु से रक्षा होती है।
  • लंबा व सेहतमंद जीवन प्राप्त होता है।

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