महाकाल की चौथी शाही सवारी निकलेगी आज, दिया जाता है भोलेनाथ को गार्ड ऑफ ऑनरUpdated: Mon, 17 Jul 2017 08:29 AM (IST)

उज्जैन के पंडित मनीष शर्मा ने बताया कि सिंधिया के समय से ही यह परंपरा चली आ रही है।

उज्जैन। श्रावण-भादौ मास में उज्जैन में हर सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकाली जाती है। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के बाहर पुलिस बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर देती है। जिसके बाद महाकाल चांदी का पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं। 31 जुलाई को महाकाल की चौथी शाही सवारी प्रजा का हाल जानने के लिए उज्जैन में निकलेगी।

विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर से के बारे में कई बातें बेहद खास हैं, जिनमें से एक है उनको दिया जाने वाला गार्ड ऑफ ऑनर है। उज्जैन में महाकाल को ही राजा माना जाता है, इसलिए महाकाल की इस नगरी में और कोई भी राजा कभी रात में यहां नहीं रुकता।

यही वजह है कि हर सावन सोमवार के दिन उज्जैन के राजा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए जब उज्जैन में शाही सवारी में निकलते हैं, तो उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। इसकी तैयारी खुद बड़े अधिकारी करते हैं।

उज्जैन के पंडित मनीष शर्मा ने बताया कि सिंधिया के समय से ही यह परंपरा चली आ रही है। महाकालेश्वर मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह दुनिया का एकमात्र दक्षिणमुखी शिवलिंग है, लिहाजा यह तंत्र-मंत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। प्रतिदिन सुबह भगवान की भस्म आरती की जाती है। मान्यता है कि इनके दर्शन मात्र से ही मोक्ष मिल जाता है।

पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं में भी इस मंदिर का मनोहर वर्णन मिलता है। महाकाल के मंदिर के बारे में एक और खास बात है कि महाकाल मंदिर के सबसे ऊपरी तल पर स्थित नागचंद्रेश्वर महादेव का मंदिर भी है, जो साल में सिर्फ नाग पंचमी के दिन ही खुलता है। मालवा में मराठों के शासनकाल में यहां महाकालेश्वर मंदिर का पुनर्निर्माण और ज्योतिर्लिंग की पुर्नप्रतिष्ठा तथा सिंहस्थ पूर्व स्नान की स्थापना हुई।

कब-कब निकलेगी बाबा महाकाल की शाही सवारी

10 जुलाई पहली सवारी

17 जुलाई दूसरी सवारी

24 जुलाई तीसरी सवारी

31 जुलाई चौथी सवारी

07 अगस्त पांचवी सवारी

14 अगस्त छठी सवारी

21 अगस्त शाही सवारी

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