मिट्टी के हाथी पर विराजी मां लक्ष्मी को 16 भोग लगाएंगी सुहागन महिलाएंUpdated: Wed, 13 Sep 2017 04:02 AM (IST)

16 पकवानों का भोग बुधवार को सुहागन महिलाएं अपनी संतानों की लंबी आयु एवं परिवार की खुशहाली के लिए लगाएंगी।

भोपाल। मिट्टी के हाथी पर विराजी मां लक्ष्मी के सामने 16 दीपक जालकर, 16 पकवानों का भोग बुधवार को सुहागन महिलाएं अपनी संतानों की लंबी आयु एवं परिवार की खुशहाली के लिए लगाएंगी।

मां चामुंडा दरबार के पुजारी पं. रामजीवन दुबे, ज्योतिषाचार्य विनोद रावत एवं ब्रह्म शक्ति ज्योतिष संस्थान के पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि अश्विन कृष्ण पक्ष अष्ठमी पर बुधवार को हाथी पर सवार होकर मां लक्ष्मी आती हैं। इनका व्रत एवं पूजन करने से सुख, समृद्घि एवं संतान सुख की कामना पूरी होती है। पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि मंगलवार रात 1ः29 पर अष्टमी तिथि का प्रवेश हो रहा है। बुधवार से रोहिणी नक्षत्र एवं अष्टमी तिथि का प्रभाव रात 11 बजे तक रहेगा। ऐसे में महिलाएं सुख समृद्घि के लिए महालक्ष्मी का व्रत रखेंगी और पूजन करेंगी।

ऐसे करें पूजन

पं. जगदीश शर्मा ने बताया कि मां लक्ष्मी का पूजन करने के लिए घी के 16 या उससे अधिक दीपकों की दीपमाला बनाएं। शाम के समय घर के किसी हिस्से को सफाई करने के बाद वहां चौकी सजाएं। वहां पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर केसर मिले चंदन से अष्टदल बनाकर चावल रखकर जल कलश रखें। कलश के पास हल्दी से कमल बनाकर उस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें। मिट्टी का हाथी बाजार से लाकर या घर में बनाकर उसे सजाएं। माता लक्ष्मी की मूर्ति के सामने कमल के फूल रखें। सोने, चांदी के सिक्के भी रखें। इसके बाद मां लक्ष्‌मी के 8 रूपों की पूजा करें।

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