कमर दर्द से हैं परेशान, यहां छिपा है समाधानUpdated: Thu, 25 May 2017 09:36 AM (IST)

यदि शनि की अशुभ दशा चल रही हो तो मांस-मदिर का सेवन न करें।

शनिदेव, एक ऐसे देवता हैं जिनकी टेढ़ी नजर किसी पर पढ़ जाए तो उसकी जिंदगी में मुश्किलों का अंबार लग जाता है। इसलिए शनिभक्त उन्हें मनाने का हर संभव प्रयास करते हैं। लेकिन यहां कुछ ऐसे उपाय मौजूद हैं, जिन्हें आजमाकर उन्हें जल्दी ही प्रसन्न किया जा सकता है।

जैसे कि...

- हर शनिवार बंदर को केला, गुड़ एवं चने खिलाएं।

- कुष्ठरोग, कमर दर्द, उदर रोग, मिरगी, फोड़े-फुंसी आदि कुछ ऐसे रोग हैं जिन्हें शनिकृपा से दूर किया जा सकता है। लेकिन चिकित्सकीय जांच जरूरी करवाएं।

- शनि का रत्न नीलम है। क्योंकि इसका प्रभाव तत्काल आरंभ हो जाता है, इसलिए इसे धारण करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लेकिन इसे विषय विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही पहनें।

दोनों समय के भोजन में काला नमक और काली मिर्च का प्रयोग कर सकते हैं।

- यदि कुष्ठरोग वंशानुगत न होकर शनि के कोप के कारण हुआ है तो इससे मुक्ति पाने के लिए उपचार के साथ निम्न मंत्र का नित्य पाठ करें। मंत्र है, 'ऊं ऐं हीं श्रीं शनैश्चरायः नमः'

- यदि शनि की अशुभ दशा चल रही हो तो मांस-मदिर का सेवन न करें।

- शनिवार की शाम में पीपल के वृक्ष पर हनुमानजी का स्मरण कर सरसों के तेल में सिंदूर डालकर उन्हें अर्पित करें।

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