शिवलिंग पर ये चढ़ाएं ये न चढ़ाएंUpdated: Sat, 23 Jul 2016 03:05 PM (IST)

उस जल का कुछ भाग प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। यह प्रयोग लगातार 21 दिन तक करें।

श्रावण माह में यदि सुबह जल्दी उठकर शिव मंदिर जाएं तो आपकी मनोकामनाएं जरूर पूरी होंगी। लेकिन शिव पूजा करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। यदि इन बातों का ध्यान न रखा जाए तो शिव प्रसन्न होने की वजह, नाराज भी हो सकते हैं।

शिवलिंग पर ये ना चढ़ाएं

  • भगवान शिव को केतकी का फूल न चढ़ाएं। ये फूल शिव पूजा में अशुभ माना गया है।
  • शिव को नारियल अर्पित नहीं किया जाता और न ही नारियल के जल से अभिषेक किया जाता है।
  • हल्दी और सिंदूर का प्रयोग स्त्रियां सुंदरता बढ़ाने के लिए करती हैं इसलिए हल्दी का प्रयोग शिवलिंग पर नहीं किया जाता है।

शिवलिंग पर यह चढ़ाएं

  • श्रावण में हर रोज 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से 'ऊं नम: शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
  • शमी वृक्ष के पत्तों से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है।
  • बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती है।
  • चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है।
  • तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।
  • जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।
  • गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है।

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  • यदि किसी की संतान न हो तो वह श्रावण माह के किसी भी दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव का पूजन करें। इसके पश्चात गेहूं के आटे से 11 शिवलिंग बनाएं। अब प्रत्येक शिवलिंग का शिव महिमा स्त्रोत से जलाभिषेक करें। इस प्रकार 11 बार जलाभिषेक करें। उस जल का कुछ भाग प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। यह प्रयोग लगातार 21 दिन तक करें। मनोकामना जरूर पूरी होगी।

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