मूंगा मंगलकृत पीड़ा से ऐसे दिलाएगा निजातUpdated: Tue, 19 Jul 2016 12:45 PM (IST)

मंगल की महादशा में भी मूंगा धारण कर सकते हैं।

ग्रहों के कुप्रभाव से बचने के लिए प्रतिनिधि रत्न धारण करने की बात हमारे ज्योतिष शास्त्र में कही गई है। ऐसे में मंगलकृत पीड़ा से मुक्ति के लिए मंगल रत्न मूंगा शुभ माना गया है। मूंगा धारण करने से मंगलकृत पीड़ा से मुक्ति मिलती है। लेकिन मूंगा कब और कैसे धारण करना चाहिए। इस बारे में कुछ इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  • यदि आपका जन्म मंगलवार को हुआ तो मूंगा धारण कर सकते हैं।
  • मेष लग्न में सफेद मूंगा चांदी में धारण करना चाहिए।
  • मंगल का अपने भाव छठे अथवा आठवें भाव में होने पर मूंगा धारण करें।
  • मंगल लग्नेश होकर निम्न, अस्त या दुः स्थान में जाने से मूंगा धारण करें।

पढ़ें:उस समय वानरों के पास थीं अलौकिक शक्तियां

  • मंगल यदि कारक होकर किसी खराब भाव में है या निम्न या अस्त है तो भी मूंगा धारण कर सकते हैं।
  • मंगल की महादशा में भी मूंगा धारण कर सकते हैं।
  • मंगल की दृष्टि यदि लग्न, सप्तम, दशम या एकादश भाव पर हो तो भी मूंगा धारण कर सकते हैं।


नोट : मूंगा धारण करने से पहले किसी विषय विशेषज्ञ ज्योतिषी की सलाह जरूर लें।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.