Live Score

मैच ड्रॉ मैच समाप्‍त : मैच ड्रॉ

Refresh

नौ दिन, नौ रत्नः मंगल का रत्न मूंगा, जानें किसे और कब पहनना हैUpdated: Mon, 13 Nov 2017 08:48 AM (IST)

कुंडली में मंगल कमजोर होने पर मूंगा धारण करने से उसे बल दिया जा सकता है। यह पराक्रम बढ़ाता है और आलस्य कम करता है।

मल्टीमीडिया डेस्क। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मूंगा रत्न मंगल ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल साहस, बल, ऊर्जा का कारक, विस्फोटक सामग्री के व्यवसाय, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, पहलवानी, सुरक्षा से संबंधित कार्य करने वाले, सेना, पुलिस, राजनीति, ईंट-भट्टे के कार्य, जमीन-प्रापर्टी से संबंधित कार्य, बिर्ल्डर व बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर, अस्थी रोग विशेषज्ञ, खून की जांच, ब्लड से संबंधित लेबोरेटरी आदि का प्रतिनिधित्व करता है।

यदि जन्म कुंडली में मंगल अच्छे प्रभाव दे रहा हो तो मूंगा अवश्य धारण करना चाहिए। कुंडली में मंगल कमजोर होने पर मूंगा धारण करने से उसे बल दिया जा सकता है। यह पराक्रम बढ़ाता है और आलस्य में कमी लाता है। स्त्रियों में रक्त की कमी और मासिक धर्म, और रक्तचाप जैसी परेशानियो को नियंत्रित करने में भी मूंगा लाभकारी होता है। जिन बच्चों में आत्मविश्वास की कमी और दब्बूपन हो, उन्हें मूंगा जरूर धारण करना चाहिए।

कब पहनना चाहिए

किसी भी शुक्ल पक्ष के किसी भी मंगलवार को सूर्य उदय होने के बाद इसकी प्राण प्रतिष्ठा करें। इसके लिए सबसे पहले अंगुठी को दूध, गंगा जल, शहद और शक्कर के घोल में डाल दें। धूप दिखाते हुए प्रार्थना करें कि हे मंगल देव मैं आपका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आपका प्रतिनिधि रत्न मूंगा धारण कर रहा हूं। कृपया मुझे अपना आशीर्वाद दें।

11 बार ॐ अं अंगारकाय नम: का जाप करने के बाद अंगूठी हनुमान जी के चरणों से स्पर्श कराकर अनामिका उंगली में पहनें। मूंगा धारण करने के 9 दिनों में प्रभाव देना शुरू कर देता है और करीब 3 वर्ष तक पूर्ण प्रभाव देता है और फिर निष्क्रिय हो जाता है। निष्क्रिय होने के बाद पुन: नया मुंगा धारण करें।

कौन पहन सकता है

जिसकी मेष, वृश्चिक राशि हो या लग्न हो एवं सिंह, धनु, मीन राशि हो वह लोग मूंगा पहन सकते हैं। मंगल का मित्र सूर्य है। अतः माणिक के साथ भी मूंगा पहना जा सकता है। मूंगा तर्जनी, मध्यमा, अनामिका अंगुली में धारण किया जाता है।

किसे नहीं पहनना चाहिए

मार्केश की दशा-अंतर्दशा में भी मूंगा नहीं पहनना चाहिए। यह ग्रह यदि पत्रिका में एक राशि व्यय या षष्ट भाव में हो या अष्टम में हो तो मूंगा नहीं पहनना चाहिए, नहीं तो लाभ की जगह हानि हो सकती है। मूंगे को नीलम, हीरा, गोमेद, लहसुनियां के साथ नहीं पहनना चाहिए। स्त्रियों की पत्रिका में मंगल अष्‍टम में नीच शत्रु राशिस्‍थ हो या शनि से इष्‍ट हो या शनि मंगल के साथ हो, तो जीवन को भारी क्षति पहुंचा सकता है।

नौ दिन, नौ रत्नः चंद्रमा का रत्न मोती, जानें किसे और कब पहनना है

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.