मुरैना के ऐंती गांव में है त्रेतायुग का प्राचीन शनि मंदिरUpdated: Sat, 15 Jul 2017 10:20 AM (IST)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस शनि मंदिर को त्रेतायुग का माना गया है।

मुरैना । जिन जातकों पर शनि की साढ़े साती चल रही हो, उनके लिए मुरैना के ऐंती गांव में स्थित शनि मंदिर में दर्शन करना फलकारी हो सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस शनि मंदिर को त्रेतायुग का माना गया है। ऐसे में इस मंदिर को देश के सबसे प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है।

ऐसा माना जाता है कि रावण ने जब शनिदेव को कैद कर लिया था तो उनकी मदद के लिए हनुमान जी पहुंचे थे और महाबली हनुमान ने ही शनिदेव को रावण की कैद से रिहा कराकर मुरैना के ऐंती गांव के पास स्थित पहाड़ों के बीच में छोड़ा था।

मान्यता है कि तभी से यहां शनिदेव का मंदिर स्थित है और हर वर्ष यहां एक विशाल मेला भी लगता है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु शिरकत करने पहुंचते हैं। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां शनिदेव पर तेल चढ़ाने में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है। यहां महिलाएं और पुरुष समान रूप से भगवान शनि की पूजा करते हैं। मुरैना के रिठौरा क्षेत्र में स्थित ऐंती गांव में पहाड़ पर स्थित शनिदेव मंदिर को देश का इकलौता सबसे प्राचीन और बड़ा मंदिर माना जाता है।

इसके अलावा देश के कुछ प्रमुख शनि मंदिर

शनि मंदिर इंदौर : अहिल्या नगरी इंदौर में शनिदेव का प्राचीन व चमत्कारिक मंदिर जूनी इंदौर में स्थित है। इस मंदिर के बारे में एक कथा प्रचलित है कि मंदिर के स्थान पर लगभग 300 वर्ष पूर्व एक 20 फुट ऊंचा टीला था, जहां वर्तमान पुजारी के पूर्वज पंडित गोपालदास तिवारी आकर ठहरे थे।

शनि शिंगणापुर : शनि तीर्थ क्षेत्र महाराष्ट्र में ही शनिदेव के अनेक स्थान हैं, पर शनि शिंगणापुर का एक अलग ही महत्व है। यहां शनि देव हैं, लेकिन मंदिर नहीं है। घर है परंतु दरवाजा नहीं। वृक्ष है लेकिन छाया नहीं।

शनिश्चरा मंदिर ग्वालियर : मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शनिश्चरा मंदिर है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यह हनुमानजी के द्वारा लंका से फेंका हुआ अलौकिक शनि देव का पिंड है। इसलिए यहां शनिदेव का निवास है।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.