न हों दुःखी, पैदल चलने से रहेंगे सुखीUpdated: Mon, 12 Jun 2017 10:13 AM (IST)

क्या आप जानते हैं पैदल चलने से शरीर को भी ऊर्जा मिलती है।

हाल ही में एक खबर आई कि शिर्डी में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है जिसमें भक्तों के पैरों से बिजली बनाई जाएगी। दैनिक औसतन शिर्डी में करीब 50,000 श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में ये प्रोजेक्ट काफी कारगर सिद्ध होगा।

लेकिन, क्या आप जानते हैं पैदल चलने से शरीर को भी ऊर्जा मिलती है। यह ऊर्जा हमारे शरीर को न केवल चुस्त-दुरुस्त रखती है बल्कि हमारे पाचन-तंत्र को भी बेहतर बनाए रखती है।

पैदल चलना, जिसे आम बोलचाल की भाषा में टहलना भी कहते हैं। एक तरह का योग है। पैदल चलने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य तो बेहतर होता ही है साथ ही यह तनाव को दूर करने हेतु सदियों से यह प्रचलन उपयोग में लाया जा रहा है।

पैदल चलने का कोई निश्चित समय नहीं होता। विशेषज्ञों का मानना है कि आप कभी भी पैदल निकल जाइए। क्योंकि पैदल चलने से शरीर से स्टेरायड हार्मोन अधिकाधिक निकलते हैं जो इंसान को सुखद अनुभव महसूस कराते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह टहलने से मस्तिष्क में एंडोर्फिन हारमोन स्रावित होता है जिस कारण हमारा मूड परिवर्तित होता है और सकारात्मक भावनाएं उत्पन्न होती है। तो यह प्रक्रिया सुबह से ही आरंभ कर दीजिए।

अटपटी-चटपटी

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