जब एक अंग्रेज ने गाय को गोली मारने की दी धमकीUpdated: Mon, 19 Jun 2017 10:14 AM (IST)

उसे समझाने की कोशिश की, 'महोदय! इस बार गाय पर मेहरबानी करें।

बात उस समय की है जब प्रसिद्ध उपन्यास-लेखक मुंशी प्रेमचंद गोरखपुर में अध्यापक थे। उन्होंने अपने यहां गाय पाल रखी थीं। एक दिन एक गाय घास खाते हुए अंग्रेज जिलाधीश के आवास के बाहर वाले उद्यान में चली गईं।

अभी वह गाय वहां जाकर खड़ी ही हुई थी कि वह अंग्रेज़ बंदूक लेकर बाहर आ गया और उसने गुस्से से आग बबूला होकर बंदूक में गोली भर ली। उसी समय अपनी गाय को खोजते हुए प्रेमचंद वहां पहुंच गए।

अंग्रेज़ ने कहा कि 'यह गाय अब तुम यहां से ले नहीं जा सकते। तुम्हारी इतनी हिम्मत कि तुमने अपने जानवर को मेरे उद्यान में ले आए। मैं इसे अभी गोली मार देता हूं तभी तुम काले लोगों को यह बात समझ में आएगी कि हम यहां हुकूमत कर रहे हैं।' और उसने भरी बंदूक गाय की ओर तान दी।

प्रेमचंद ने नरमी से उसे समझाने की कोशिश की, 'महोदय! इस बार गाय पर मेहरबानी करें। दूसरे दिन से इधर नहीं आएगी। मुझे ले जाने दें साहब। यह ग़लती से यहां आई।' फिर भी अंग्रेज गुस्से में यही कहता रहा, 'तुम काला आदमी ईडियट हो- हम गाय को गोली मारेगा।' और उसने बंदूक से गाय को निशान बनाना चाहा।

प्रेमचंद झट से गाय और अंग्रेज जिलाधीश के बीच में आ खड़े हुए और ग़ुस्से से बोले, 'तो फिर चला गोली। देखूं तुझमें कितनी हिम्मत है। ले। पहले मुझे गोली मार।' फिर तो अंग्रेज़ बंदूक की नली नीची करते हुए अपने बंगले में चला गया।

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