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नाथ संप्रदाय का केंद्र है यह मंदिर, महंत हैं मुख्यमंत्रीUpdated: Mon, 20 Mar 2017 12:48 PM (IST)

गोरखनाथ नाथ (गोरखनाथ मठ) नाथ परंपरा में नाथ मठ समूह का एक मंदिर है।

उप्र में 'योगी आदित्यनाथ' ने सूबे के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में राजनीतिक सत्ता संभाल ली है। वह राजनीति में काफी वर्षों से सक्रिय हैं।

योगी, गुरु गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं। इस मंदिर का धार्मिक इतिहास काफी समृद्ध रहा है। गोरखनाथ मंदिर, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में स्थित है। बाबा गोरखनाथ के नाम पर ही इस शहर का नाम गोरखपुर रखा गया है। यह मंदिर नाथ संप्रदाय का केंद्र है।

दरअसल, प्राचीन काल से चले आ रहे नाथ संप्रदाय को गुरु मत्स्येंद्रनाथ नाथ और उनके शिष्य गोरखनाथ ने पहली बार व्यवस्थित किया था। और गोरखनाथ ने इस संप्रदाय के बिखराव, योग विद्याओं को एकत्र किया।

नाथ संप्रदाय की मान्यता के अनुसार 'श्री गोरखनाथ जी' शिव के साक्षात् स्वरूप हैं। वह सतयुग में पेशावर (पंजाब) में, त्रेतायुग में गोरखपुर (उत्तरप्रदेश), द्वापर युग में हरमुज (द्वारिका) के पास और कलियुग में गोरखमधी (सौराष्ट्र) में जन्में थे। इस तरह सतयुग से ही नाथ संप्रदाय का उद्भव माना गया है।

गोरखनाथ नाथ (गोरखनाथ मठ) नाथ परंपरा में नाथ मठ समूह का एक मंदिर है। इसका नाम 11 वीं सदी में मौजूद मध्ययुगीन संत गोरखनाथ के नाम पर है। जो एक प्रसिद्ध योगी थे।

कलियुग में नाथ परंपरा गुरु मत्स्येंद्रनाथ द्वारा पुनः स्थापित किया गया। 'गोरखनाथ' मंदिर उसी स्थान पर स्थित है, जहां वह मत्स्येंद्रनाथ और बाद में गोरखनाथ तपस्या करते थे। यह मंदिर नाथ संप्रदाय की आस्था का केंद्र है।

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