पैरों का दर्द और उनका ठंडा या गर्म होना दूर करता स्वस्तिकासनUpdated: Sun, 13 Aug 2017 11:48 AM (IST)

पैरों का दर्द, पसीना आना दूर होता है। पैरों का गर्म या ठंडापन दूर होता है। ध्यान में बैठने के लिए उपयुक्त आसन है।

स्थिति- आसन या बिछात बिछाकर पैर फैलाकर चित्र के अनुसार बैठ जाइए।

विधि- बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाहिने जंघा और पिंडली (घुटने के नीचे का हिस्सा) के बीच इस प्रकार रखें कि बाएं पैर का तल छिप जाए। उसके बाद दाहिने पैर के पंजे और तल को बाएं पैर के नीचे से जांघ और पिंडली के मध्य स्थापित करने से स्वस्तिकासन बन जाता है। ध्यान मुद्रा में बैठें तथा रीढ़ सीधी कर श्वास खींचकर यथाशक्ति रोकें। इसी प्रक्रिया को पैर बदलकर भी करें। ताकि आपको पूरा लाभ मिल सके। इस आसन का फायदा यह भी है कि यह आपकी एकाग्रता बढ़ाता है। अगर आप ऋषि मुनियों के चित्रों को गौर से देखें तो उन्हें इसी आसन में बैठा पाएंगे। हमें सीधे बैठने का अभ्यास करना चाहिए क्योंकि वह हमारी रीढ़ की हड्डी के लिए भी बहुत आवश्यक है। यह हमारे शरीर को सही अवस्थिति में लाने के लिए बेहतर आसान है।

लाभ- पैरों का दर्द, पसीना आना दूर होता है। पैरों का गर्म या ठंडापन दूर होता है। ध्यान में बैठने के लिए उपयुक्त आसन है। पैरों में किसी भी तरह के दर्द में यह आसान फायदा देता है। आप इसे आजमाइए और अपने शरीर पर फर्क देखिए।

अटपटी-चटपटी

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