आंख का फड़फड़ाना होता है इन बीमारियों का संकेत, आप भी सावधान रहेंUpdated: Sat, 11 Nov 2017 01:51 PM (IST)

कई बार आंख अचाकर फड़फड़ाना शुरू कर देती है। ऐसी स्थिति में बार-बार जोर से पलक झपकाएं। फायदा होगा।

मल्टीमीडिया डेस्क। आंख फड़फड़ाने को अधिकतर लोग शुभ-अशुभ से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हम यहां बताएंगे कि इसका आपकी सेहत से सीधा संबंध है। यानी आंख का फड़फड़ाना शरीर में हो रहे बड़े संकेतों के बारे में बताता है।

1. आंख फड़फड़ाने का सीधा संबंध तनाव से है। बड़ी संख्या में लोगों के साथ ऐसा ही होता है। दरअसल, तनाव के कारण मांसपेशियों में हलचल होती है और पलकें फड़फड़ाने लगती हैं। ऐसा होने पर आराम करें, ध्यान लगाएं और समस्याओं के बारे में ज्यादा न सोचें।

2. थकान और नींद की कमी के कारण भी आंखें फड़फड़ाने लगती हैं। थकान का असर मांसपेशियों पर पड़ता है और जकड़न से आंखों में हलचल शुरू हो जाती है। इलाज साफ है- पर्याप्त नींद लें।

3. आंखों में सूखापन भी इस बीमारी का कारण है। दिनभर लैपटॉप पर काम करने से आंखों की नमी कम हो जाती है। ऐसे लोगों को सलाह दी जाती है कि हर 30 मिनट बाद वे अपनी नजरें स्क्रीन से हटाएं।

4. कई लोगों में एलर्जी के कारण भी आंखें फड़फड़ाती हैं। एलर्जी से आंखों में खुजली होती है। ऐसी स्थिति में आंख का फड़फड़ाना ज्यादा हो तो डॉक्टर से संपर्क साधना चाहिए।

5. कई बार गलत प्रकार का खाना भी इसका कारण होता है। यदि आप पानी कम पी रहे हैं और विटामिन युक्त खाना कम ले रहे हैं तो भी आंखों फड़फड़ाने लगती हैं। शरीर में कैफीन की अधिकता भी नर्व्स पर असर डालती हैं। इलाज यही है कि डाइट को बैलेंस रखा जाए। कैफीन को घटाकर पानी की मात्रा बढ़ाएं।

ऐसे रोकें आंख का फड़फड़ाना -

  • कई बार आंख अचाकर फड़फड़ाना शुरू कर देती है। ऐसी स्थिति में बार-बार जोर से पलक झपकाएं। फायदा होगा।
  • तुरंत फायदा पाने के लिए आंखों पर मसाज की जा सकती है। 30 सेकंड मसाज से आराम मिल जाएगा।
  • ऐक्यूप्रेशर मसाज भी एक समाधान है। घर पर हैं तो हाइड्रोथिरेपी तकनीक आजमा सकते हैं। इसमें बंद आंखों पर बारी-बारी से गुनगुने और ठंडे पानी के छींटे मारे जाते हैं।
  • आंखों पर ठंडे पानी की पट्टी रखने पर भी इनके फड़फड़ाने से मुक्ति मिल जाएगी। यदि एक सप्ताह से अधिक समय तक ऐसा ही बना हुआ है तो डॉक्टर को दिखाएं।

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