चैत्र नवरात्रि इस बार आठ दिन की, योगों का दिव्य संयोगUpdated: Fri, 25 Mar 2016 07:52 PM (IST)

तृतीया तिथि के क्षय के कारण इस बार देवी आराधना का पर्व काल आठ दिन का रहेगा।

राजेश वर्मा, उज्जैन। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से वासंती नवरात्रि की शुरुआत होगी। तृतीया तिथि के क्षय के कारण इस बार देवी आराधना का पर्व काल आठ दिन का रहेगा। सालों बाद चैत्र नवरात्रि योगों के दिव्य संयोग में आ रही है। साधना, सिद्धि, खरीदारी तथा मांगलिक कार्यों के लिए नवरात्रि के आठ दिन श्रेष्ठ हैं।

ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला के अनुसार 8 अप्रैल शुक्रवार के दिन अश्विनी नक्षत्र तथा सर्वार्थ सिद्धि योग के संयोग में चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। शुक्रवार के दिन शुभ योग में अश्विनी नक्षत्र का होना माता लक्ष्मी की कृपा को दर्शाता है।

इस नवरात्रि में लक्ष्मी प्राप्ति के लिए साधना तथा संकल्प की सिद्धि आराधक को देवी कृपा से सहज ही प्राप्त होगी। सालों बाद नवरात्रि के आठ दिन कोई ना कोई विशिष्ट योग का होना शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए भी श्रेष्ठ है।

किस दिन कौनसा खास खोग

- प्रतिपदा व अष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग - मनोवांछित संकल्पों की सिद्धि के लिए साध्ाना, खरीदारी व नवीन कार्यों के आरंभ के लिए श्रेष्ठ

- चतुर्थी पर रात्रि में रवियोग - वनस्पति तंत्र की जागृति के लिए शुभ रात्रि

- पंचमी की रात्रि अमृत सिद्धि योग - सुख-समृद्धि तथा कामनाओं की पूर्ति के लिए देवी की आराधना करना श्रेयस्कर

- छठ, सप्तमी व नवमी पर रवि योग - स्वर्ण, रजत, वाहन आदि की खरीदारी के लिए शुभ रहेगा दिन

- गुरुपुष्य नक्षत्र - नवमी के दिन गुरुपुष्य नक्षत्र हर प्रकार की खरीदी, गृह प्रवेश, गृह आरंभ, नवीन प्रतिष्ठान व उद्योग आदि की स्थापना के लिए महामुहूर्त

घट स्थापना के मुहूर्त

- सुबह 7.45 से 10.45 तक लाभ व अमृत का चौघड़िया

- दोपहर 11.40 से 12.45 शुभ अभिजीत मुहूर्त

- दोपहर 12.45 से शुभ का चौघड़िया

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