माओवादी आतंक की राजधानी बना सुकमाUpdated: Tue, 02 Dec 2014 08:21 PM (IST)

छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला माओवादी आतंक की राजधानी बन गया है !

नईदुनिया ब्यूरो ,नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला माओवादी आतंक की राजधानी बन गया है ,पिछले एक दशक के दौरान माओवादी हिंसा की सर्वाधिक घटनाएं छत्तीसगढ़ के इसी जिले में घटी हैं ।

विविधतापूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों से आच्छादित सुकमा जिले ने माओवादी हिंसा के दृष्टिकोण से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले को भी बेहद पीछे छोड़ दिया है ,जो अब से कुछ वर्षों पहले तक माओवादी हिंसा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता था ।अकेले इस वर्ष सुकमा में अलग अलग घटनाओं में 35 जवानो की मौत हुई है वहीँ तीन आम नागरिक भी मारे गए हैं।

सोमवार को घटी घटना से पूर्व इस वर्ष मार्च माह में भी नक्सलियों ने सुकमा में ही 16 लोगों की हत्या कर दी थी ,जिनमे से ज्यादातर सीआरपीएफ के जवान थे ,गौरतलब है कि 2012 में यहाँ के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का अपहरण नक्सलियों ने कर लिया था ।

गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों कि माने तो पिछले वर्ष जीरम हमले के तत्काल बाद इंटेलिजेंस एजेंसियों ने सुकमा और उसके आसपास के इलाकों में पूरी तरह से प्रभुत्व स्थापित करने को लेकर एक कार्ययोजना बनाई थी ,इसको लेकर राज्य पुलिस और अर्धसैनिक बलों के बीच कई दौर की बैठके भी हुई थी ,लेकिन अब तक उस कार्ययोजना को अमल में नहीं लाया जा सका ।

गौरतलब है कि केंद्र में सत्ता परिवर्तन के तत्काल बाद गृह मंत्रालय द्वारा नक्सल मामले को लेकर बुलाई गई बैठक में छत्तीसगढ़ द्वारा नक्सल फ्रंट पर की जा रही कारवाईयों को लेकर असंतुष्टि जाहिर की गई थी ।

नक्सली हिंसा में अगर हम माओवादी वारदातों को राज्यवार देखें तो पता चलता है,हाल के वर्षों में जितनी नक्सली वारदातें सुकमा में हुई है उतनी देश के किसी भी अन्य राज्य में नहीं हुई है ।

अकेले पिछले वर्ष सुकमा में नक्सली हिंसा में 46 लोगों की जाने गई थी ,इन मौतों में कांग्रेस के काफिले पर हुए हमले में होने वाली मौतें भी शामिल हैं ।सीआरपीएफ के एक अधिकारी कहते हैं सुकमा और जगदलपुर से सटे ओड़िसा के मलकानगिरी के घने जंगल हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं । नक्सली इन घने जंगलों से भली-भांति परिचित है जिससे उन्हें आसानी होती है ,इसके विपरीत सीआरपीएफ के जवानों के लिए इन जंगलों की सघनता बड़ी चुनौती है ।

छत्तीसगढ़ में इस वर्ष नक्सली वारदातों में हुई मौतों का जिलेवार विवरण

जिले नागरिक सुरक्षा बल माओवादी कुल

बस्तर 26210

बीजापुर 1061834

दंतेवाड़ा 4509

कांकेर 2024

कोंडागांव 1102

नारायणपुर 0156

राजनांदगांव 1012

सुकमा 335341

कुल 235431108

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