तेलंगाना और सीमांध्र के बीच ऐसे होगा ‘बंटवारा’Updated: Fri, 21 Feb 2014 10:24 AM (IST)

तेलंगाना राज्‍य संबंधी बिल राज्‍यसभा में पारित हो गया। आइए जानते हैं कि तेलंगाना और सीमांध्र के अस्तित्‍व में आने पर क्‍या रहेगी उनकी स्थिति।

मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक के पारित होने के साथ ही तेलंगाना राज्य का गठन लगभग तय हो चुका है। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में अभी कई औपचारिकताएं बाकी हैं।

गुरुवार को गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने तेलंगाना राज्‍य संबंधी बिल को राज्‍यसभा में पेश किया और यह बिल राज्‍यसभा में भी पारित हो गया। अब अलग राज्‍य के गठन का विधेयक मंजूरी के लिए राष्‍ट्रपति के पास जाएगा।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सीमांध्र को अगले पांच साल के लिए विशेष दर्जा देकर केंद्रीय मदद देने का भरोसा दिया है। आइए नजर डालते हैं कि तेलंगाना और सीमांध्र के अस्तित्‍व में आने पर उनकी स्थिति क्‍या होगी:

तेलंगाना के जिले

  1. अदिलाबाद
  2. करीमनगर
  3. निजामाबाद
  4. मेदक
  5. रंगारेड्डी
  6. महबूबनगर
  7. नलगोंडा
  8. वारंगल
  9. खम्‍मम
  10. हैदराबाद

सीमांध्र के जिले

  1. विजियनगरम
  2. श्रीकाकुलम
  3. विशाखापट्नम
  4. पूर्व गोदावरी
  5. पश्‍िचम गोदावरी
  6. कृष्‍णा
  7. गुंटूर
  8. प्रकाशम
  9. कर्नूल
  10. अनंतपुर
  11. वाईएसआर
  12. श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्‍लूर
  13. चित्‍तूर

जनसंख्‍या

तेलंगाना (हैदराबाद शमिल): 35190000

सीमांध्र: 49380000

लिंगानुपात (महिलाएं प्रति हजार पुरुष)

तेलंगाना: 988

सीमांध्र: 996

बच्‍चों को लिंगानुपात (लड़कियां प्रति हजार लड़के)

तेलंगाना: 933

सीमांध्र: 944

आंध्रप्रदेश के किसान

तेलंगाना: 49.6 प्रतिशत

सीमांध्र: 50.4 प्रतिशत

आंध्र प्रदेश के कृ‍षि मजदूर

तेलंगाना: 35.2 प्रतिशत

सीमांध्र: 64.8 प्रतिशत

आंध्र प्रदेश के घरेलू कामगार

तेलंगाना: 45.3 प्रतिशत

सीमांध्र: 54.7 प्रतिशत

आंध्र प्रदेश के अन्‍य कामगार

तेलंगाना: 43.8 प्रतिशत

सीमांध्र: 56.2 प्रतिशत

संपत्ति हस्तांतरण से राजस्व का विभाजन

कुल : 3,343 करोड़ रुपए (2008-09 के अनुसार)

तेलंगाना: 55 प्रतिशत

सीमांध्र: 45 प्रतिशत

कुल कृषि भूमि (2007-08 के अनुसार)

तेलंगाना: 114.84 लाख हेक्‍टेयर

सीमांध्र: 160.21 लाख हेक्‍टेयर

भूमि जिसमें फसलें बोई गई

तेलंगाना: 40.57 लाख हेक्‍टेयर

सीमांध्र: 66.99 लाख हेक्‍टेयर

सिंचित भूमि

तेलंगाना: 17.08 लाख हेक्‍टेयर

सीमांध्र: 27.46 लाख हेक्‍टेयर

स्‍वीकृत विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज)

तेलंगाना: 67

सीमांध्र: 36

चिह्नित विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज)

तेलंगाना: 43

सीमांध्र: 29

आंध्र प्रदेश के वन क्षेत्र का‍ विभाजन

(कुल 64 लाख हेक्‍टेयर)

तेलंगाना: 45 प्रतिशत

सीमांध्र: 55 प्रतिशत

बिजली उत्‍पादन (जून 2010 के अनुसार)

ताप विद्युत

तेलंगाना: 1,783 मेगावाट

सीमांध्र: 2,600 मेगावाट

जल विद्युत

तेलंगाना: 2,427 मेगावाट

सीमांध्र: 1,145 मेगावाट

अन्‍य साधनों से विद्युत उत्‍पादन

तेलंगाना: 159 मेगावाट

सीमांध्र: 3,337 मेगावाट

66 वर्ष पुरानी है बंटवारे की मांग

1948- भारतीय सैनिकों ने निजाम द्वारा शासित हैदराबाद रियासत पर आक्रमण कर उसे भारतीय संघ में शामिल कराया

1952- स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी पोट्टी श्रीरामुलु मद्रास प्रे‍सीडेंसी के तमिलभाषियों के लिए अलग राज्‍य की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए। उनकी मौत से भड़की हिंसा के बाद प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने आंध्र को अलग राज्‍य बनाने की घोषणा की

1953- 1 अक्‍टूबर को आंध्र राज्‍य की स्‍थापना की गई, जिसकी राजधानी कुर्नूल थी

1956- हैदराबाद और आंध्र राज्‍य की विधानसभा ने एक संधि पर हस्‍ताक्षर कर इन दोनों तमिलभाषी क्षेत्रों के जोड़ने पर सहमत हो गए। 1 नवंबर को आंध्र प्रदेश अस्तित्‍व में आया, जिसकी राजधानी हैदराबाद थी।

1969- तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में असंतोष के बाद बिगड़े हालात पर नियंत्रण के लिए पुलिस और सेना की मदद लेनी पड़ी। तेलंगाना प्रजा समिति (टीपीएस) के एम चिन्‍ना रेड्डी के नेतृत्‍व में तेलंगाना कांग्रेस के नेताओं ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के फैसले से असंतुष्टि दिखाई।

1971- आम चुनाव में 14 में से 10 सीटें जीतकर टीपीएस के नेता कांग्रेस में शामिल हो गए

1972- सुप्रीम कोर्ट ने नौकरी और शैक्षणिक कोटे पर रोक लगाई, जिससे जय आंध्रा आंदोलन की शुरुआत हुई जिसमें अगल तेलंगाना की मांग ने जोर पकड़ा

1973- नौ मंत्रियों ने आध्र प्रदेश मुख्‍यमंत्री पीवी नरसिंह राव के मंत्रिमंडल से इस्‍तीफा दे दिया जिसके बाद प्रदेश में राष्‍ट्रपति शासन लगाना पड़ा। व्‍यवस्‍था स्‍थापित करने के लिए भारत सरकार के छह सूत्रीय फॉर्मूला के आधार पर संविधान में संशोधन किया गया।

1997- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अलग तेलंगाना राज्‍य के लिए प्रस्‍ताव पारित किया

2010- केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्‍यायाधीश बीएन श्रीकष्‍णा के नेतृत्‍व में पांच सदस्‍यीय समिति का गठन किया। समि‍ति ने मुद्दे को सुलझाने के लिए पांच सुझाव दिए थे।

2014

  • जनवरी में आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी के नेतृत्‍व में विधानसभा ने बिल नामंजूर कर दिया
  • फरवरी में लोकसभा में विस्‍तारित शीतकालीन सत्र में बिल ध्‍वनिमत से पारित हो गया।
  • मंगलवार को तेलंगाना बिल लोकसभा में ध्‍वनिमत से पारित हो गया

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन बिल की खास बातें

प्रशासनिक

  • हैदराबाद को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा नहीं
  • दस वर्षों के लिए हैदराबाद, तेलंगाना और सीमांध्र दोनों की राजधानी होगा। बिल पारित होने के 45 दिनों के अंदर विशेषज्ञ सीमांध्र की राजधानी के लिए सुझाव देंगे
  • सीमांध्र को अपनी राजधानी विकसित करने के लिए आर्थिक पैकेज दिया जाएगा
  • हैदराबाद में कानून-व्‍यवस्‍था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा के पालन की जिम्‍मेदारी राज्‍यपाल पर होगी
  • तेलंगाना में 17 और सीमांध्र में 25 विधानसभा सीटें होंगी

जल और विद्युत

बिजली खरीदी के लिए वर्तमान समझौते जारी रहेंगे। प्राकृतिक गैस का आवंटन भी वर्तमान नीतियों और निर्देशों के अनुसार जारी रहेगा।

शिक्षा

  • सीमांध्र में शैक्ष्‍ाणिक संस्‍थाओं के विकास के लिए विशेष पैकेज दिया जाएगा

संपत्‍ित और दायित्‍व

  • आंध्र प्रदेश की संपत्‍ित तेलंगाना को मिलेगी, यदि वह उसके क्षेत्र में स्थित है
  • आंध्र प्रदेश के बाहर स्थित संपत्‍ित जैसे भू‍मि आदि का बंटवारा दोनों प्रस्‍तावित राज्‍यों की जनसंख्‍या के अनुपात में किया जाएगा। किसी विवाद की स्थिति में केंद्र सरकार उसका निपटारा करेगी।
  • शासकीय कंपनियों की संपत्‍ित और दायित्‍व उस राज्‍य के हिस्‍से में रहेंगे जिसमें वह कंपनी स्थित है। संप‍ित्‍ित और दायित्‍वों का बंटवारा कंपनी के हेडक्‍वार्टर की स्थिति से प्रभावित नहीं होगा।

ऐसे प्रस्‍ताव जिनकी व्‍यावहारिकता पर विचार होना है

  • विशाखापट्नम और चेन्‍नई को जोड़ता हुआ औद्योगिक कॉरिडोर
  • ग्रीनफील्‍ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल पदार्थ सीमांध्र के हिस्‍से में आने चाहिए
  • तेलंगाना में नया रेल कोच कारखाना
  • तेलंगाना में 4,000 मेगावाट का संयंत्र और खम्‍मम में स्‍टील प्‍लांट
  • तेलंगाना में सड़क संपर्क की बेहतरी

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