प्याज से कुछ राहत मिली तो अब मुनाफाखोरों की टेढ़ी नजर दालों परUpdated: Thu, 08 Oct 2015 08:01 AM (IST)

प्याज से लोगों को जरा राहत मिली तो अब मुनाफाखोरों की टेढ़ी नजर दालों पर है।

रायपुर। प्याज से लोगों को जरा राहत मिली तो अब मुनाफाखोरों की टेढ़ी नजर दालों पर है। बाजार में शॉर्टेज का हौवा उड़ाकर पखवाड़ेभर में ही दालों की कीमत में 30 रुपए किलो तक इजाफा कर दिया गया है। रेट बढ़ने का कारण कमजोर फसल तथा बाहरी आवक सही नहीं होने को बताया जा रहा है।

स्थानीय मार्केट में इन दिनों राहर दाल 140-180 रुपए किलो तक, चना दाल 72-80 रुपए और उड़द दाल 130-140 रुपए किलो तक है। महाराष्ट्र में फसल चौपट होने को रेट बढ़ने की मुख्य वजह बताया जा रहा है। कारोबारियों के अनुसार फसल खराब होने से आवक कम हो गई है। त्योहारी सीजन में डिमांड बढ़ेगी तो कीमतें और उछलेंगी। मुनाफाखोर त्योहार के समय उपभोक्ताओं की थाली से दाल को गायब करने की तैयारी कर रहे हैं। दाल की शॉर्टेज का हौवा उड़ाया जा रहा है।

उपभोक्ताओं ने तलाशा विकल्प

दालों की महंगाई को देखते हुए उपभोक्ताओं ने मटर, झुरगा तथा मसूर दाल के रूप में विकल्प तलाश लिया है। कारोबारियों के अनुसार इनकी खपत लगातार बढ़ रही है, जबकि दालों की खपत को झटका लगा है।

लोकल दाल 130 रुपए किलो

आसपास के क्षेत्रों से आने वाली दाल 130 रुपए किलो तक मिल रही है। हालांकि कारोबारी लोकल दाल की क्वालिटी को कमतर बता रहे हैं।

अप्रैल मध्य से अब तक का खेल

अप्रैल मध्य में अचानक दालों की कीमतों में तेजी आनी शुरू हुई, जो जून मध्य तक जारी रही। इस बीच राहर दाल 115 से 130 रुपए तथा चना दाल 65 रुपए किलो तक बिकी। उड़द दाल 110 रुपए किलो थी। इन दो महीनों में दालों की कीमत में 40 फीसदी से अधिक की तेजी आई थी। फिर प्रशासन द्वारा कार्रवाई के बाद दालों की आवक बढ़ने के कारण कीमतों में गिरावट आने लगी। इसके बाद सितंबर के दूसरे हफ्ते से फिर से दालों में महंगाई का तड़का लगना शुरू हुआ और लगातार कीमत चढ़ती गई। राहर दाल 140-180 रुपए किलो, चना दाल 72-80 रुपए किलो तथा उड़द दाल 130-140 रुपए किलो तक पहुंच गई है।

बख्शे नहीं जाएंगे मुनाफाखोर

दालों की बढ़ती कीमतों पर प्रशासन भी लगातार नजर रखे हुए है। कोई भी मुनाफाखोर बख्शा नहीं जाएगा। बाजार में शॉर्टेज का हौवा फैलाने वाले मुनाफाखोरों पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन द्वारा इसकी जांच भी की जा रही है।

- ठाकुर रामसिंह,कलेक्टर

प्याज अभी भी 40-45

प्याज पहले की तुलना में थोड़ा संभल गया है, फिर भी पखवाड़े भर से यह 40 से 45 रुपए किलो के बीच बना हुआ है। कारोबारियों का कहना है कि अब इसकी कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। कुछ दिनों में कीमत और गिर सकती है, क्योंकि आवक काफी अच्छी हो गई है।

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