माता-पिता को न हो, फिर भी आपको हो सकती है डायबिटीजUpdated: Sat, 14 Nov 2015 12:10 AM (IST)

जैसे-जैसे डायबिटीज की बीमारी समाज में पैर पसार रही है, उससे जुड़ी यह भ्रांतियां भी बढ़ती जा रही हैं।

रश्मि प्रजापति, भोपाल। डायबिटीज हो गई तो अब स्वादिष्ट खाना बिलकुल ही बंद हो जाएगी.., माता-पिता को डायबिटीज नहीं है तो मुझे तो हो ही नहीं सकती मैं बिलकुल सेफ हूं.. और एक बार इंसुलिन लिया तो हमेशा लेना पड़ेगा...जैसे-जैसे डायबिटीज की बीमारी समाज में पैर पसार रही है, उससे जुड़ी यह भ्रांतियां भी बढ़ती जा रही हैं। शनिवार 14 नवम्बर को पूरी दुनिया में वर्ल्ड डायबिटीज डे के रूप में मनाने जा रही है। इस अवसर पर जानेमाने मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी ने डायबिटीज से जुड़ी भ्रांतियों और इसकी हकीकत को लेकर नवदुनिया से चर्चा की।

डॉक्टर-पेशेंट डिस्कशन बढ़ाएं

डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी ने बताया, डायबिटीज, ब्लडप्रेशर और हार्ट की बीमारियों में डॉक्टर से ज्यादा मरीज को अपनी बीमारी को समझने की जरूरत है। अब डॉक्टर्स, पेशेंट्स से कंसल्ट करने के बजाय डायबिटीज की इंफॉर्मेशन की बुकलेट पकड़ा देते हैं, जो गलत है। मरीज को उसकी बीमारी के बारे डॉक्टर को समझाना पड़ेगा। जरूरी है कि डॉक्टर मरीज के साथ काफी समय बिताए और दोनों के बीच प्रॉपर बातचीत हो।

मिथ1 - बहुत खराब बीमारी है, कुछ खा नहीं सकते। मीठा, आलू, चावल खाना बंद हो जाएगा।

फैक्ट - कोई चीज पूरी तरह से मना नहीं की जाती। प्योर मीठी चीजें जैसे शक्कर, गुड़ और शहद से बनी चीजें ही मना होती हैं। बॉर्डर लाइन डायबिटीज वाले पेशेंट्स को तो 'फास्ट एंड फीस्ट" की सलाह दी जाती है। यानी आप 15 दिन मीठा बंद रखिए और एक दिन थोड़ी मात्रा में खाएं।

मिथ2 - डायबिटीज में बहुत ही बीमारू और फीका डाइट फॉलो करना पड़ता है।

फैक्ट - ऐसा नहीं है कि डायबिटीज में आपको उबला हुआ खाना ही खाना पड़ेगा। आप तेल-मसाला या मीठा बिलकुल छू नहीं सकते, ऐसा नहीं है। दरअसल, डायबिटीज की डाइट बहुत ही साइंटिफिक डाइट है, यह बिलकुल बीमारू डाइट नहीं है। अगर किसी को डायबिटीज नहीं है, तो भी 30 प्लस की उम्र में आपको यह डाइट प्लान फॉलो करना चाहिए।

मिथ3 - माता-पिता को डायबिटीज नहीं है, तो मुझे नहीं हो सकती।

फैक्ट - माता-पिता को डायबिटीज न भी हो, तो भी आपकी लाइफ स्टाइल के कारण आपको डायबिटीज हो सकती है। माता-पिता के अलावा चाचा, ताऊ, दादा ब्लड रिलेशन में किसी को भी यदि डायबिटीज है, तो आप तक आ सकती है। माता-पिता दोनों को डायबिटीज है, तो किसी न किसी उम्र में 100 प्रतिश्ात आपको डायबिटीज होना तय है। ऐसे में जरूरी है कि खुद को फिजिकली एक्टिव रखें और साल में एक बार ब्लड शुगर टेस्ट करवाएं।

मिथ4 - एक बार इंसुलिन का इंजेक्शन लगाया, तो जिंदगी भर लगाना पड़ेगा। शरीर को इसकी आदत हो जाएगी।

फैक्ट - इंजेक्शन के जरिए इंसुलिन केवल उस परिस्थिति में ही दिया जाता है, जब शरीर पर बाकी दवाएं असर करना बंद कर देती हैं। ऐसी परिस्थिति में तो आपको इंसुलिन हमेशा ही लेना पड़ेगा। लेकिन, पेशेंट की तबियत खराब होने पर कभी-कभी शुगर कंट्रोल के डॉक्टर्स इंसुलिन लेने को कहते हैं। इस परिस्थिति में इसे कुछ समय तक ही लेना पड़ता है। शरीर को इंजेक्शन की आदत लगना सिर्फ एक मिथ है।

मिथ5 - आयुर्वेद या दूसरी पैथी में बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाएगी।

फैक्ट - आयुर्वेद और होम्योपैथी के कुछ डॉक्टर्स डायबिटीज को जड़ से खत्म कर देने का दावा करते हैं। जबकि आयुर्वेद, होम्योपैथी या एलोपैथी... ईलाज की किसी भी पद्यति में अभी तक डायबिटीज को जड़ से खत्म करने वाला कोई उपचार नहीं बना है। यह सिर्फ भ्रांति है।

मिस6 - दवा रेगुलर ले रहे हैं तो हम सुरक्षित हैं।

फैक्ट - आंखें, हार्ट, किडनी और शरीर की नसें हमेशा डायबिटीज के टार्गेट में होती हैं। आप रेगुलर दवाईयां रहे हैं तो भी आप अपने आप को सुरक्षित मत समझिए। अगर दवाओं से आपकी डायबिटीज कंट्रोल है, तो भी चांस है कि आपकी आंखों की रोशनी चली जाए, गुर्दे खराब हो जाएं या हार्ट में प्रॉब्लम आ जाए। इसीलिए, हर दो साल में अपनी बॉडी का पूरा चेकअप जरूर करवाएं, ताकि शरीर के अंगों पर पड़ रहे इसके असर का आंकलन किया जा सके।

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