क्लियरिंग सिस्टम मामले में हाईटेक हुए नेशनल बैंकUpdated: Thu, 26 Mar 2015 03:28 PM (IST)

सभी नेशनल बैंक अब क्लियरिंग सिस्टम के मामले में कुछ ज्यादा ही हाईटेक हो चुके हैं।

पीयूष बाजपेयी, जबलपुर। मध्‍यप्रदेश सहित देश के सभी नेशनल बैंक अब क्लियरिंग सिस्टम के मामले में कुछ ज्यादा ही हाईटेक हो चुके हैं। अब किसी भी खाताधारक को मनी ट्रांसफर के अलावा हर तरह के भुगतान के लिए हफ्तों तक परेशान नहीं होना पड़ेगा।

आपका काम सिर्फ एक दिन के अंदर हो जाएगा। 16 फरवरी से देश के इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस सिस्टम यानी एनएसीएच लागू कर दिया गया है।

इस प्रणाली को ऐसे छोटे जिलों में भी शुरू किया जा रहा है जहां बैंकों में क्लियरिंग हाउस नहीं है। वर्तमान में चल रहा पुराना ईसीएस सिस्टम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। फिलहाल ये प्रणाली अमेरिका के बैंकों में काम रही है।

ये है पुराना ईसीएस

- अभी तक ईसीएस प्रणाली में सबसे बड़ी कमी रही कि जिस शाखा में खाता होता है वहीं जाना पड़ता था और ट्रांजेक्शन को वही ब्रांच अधिकृत करता था।

- एक बैंक से दूसरे शहर या प्रदेश के बैंक तक डाक के जरिए सारे काम होते थे। जिसमें हफ्तों या महीनों का समय बीत जाता।

- बिल भुगतान के लिए रकम फिक्स रहती थी। ईएमआई यानी किस्त की डिटेल नहीं मिलती थी। कोई बैंक एक-दूसरे से लिंक नहीं था।

नया एनएसीएच सिस्‍टम

- होम ब्रांच की जरूरत नहीं पड़ेगी। देश के दूसरे किसी शहर में होने पर भी मनी ट्रांसफर किया जा सकेगा। उस शाखा में फॉर्म जमा करते ही, फॉर्म को स्केन कर लिया जाएगा। ये फॉर्म सॉफ्टवेयर की मदद से जांचा, परखा जाएगा और एक दिन के भीतर क्लियरिंग फाइनल होगी।

- एनएसीएच सिस्टम में ट्रांसफर और फंड के लिए हर तरह के लोन, रिकरिंग खाता, इनवेस्टमेंट से जुड़े काम एक दिन में हो जाया करेंगे। म्यूचुअल फंड, टेलीफोन बिल, बिजली बिल, नगर निगम टैक्स, इनकम टैक्स जमा करना आसान।

- किसी भी तरह का भुगतान जो चेक के जरिए होता आया। ऐसे मनी ट्रांसफर जो रोजाना नहीं होते जैसे कि ड्राफ्ट, आरटीजीएस, फंड ट्रांसफर के काम एक दिन में हो जाएंगे।

सभी बैंकों का एक ऐप होगा

- कुछ महीनों के भीतर ही सभी बैंकों के लिए एक सिंगल ऐप लांच किया जाना है, जिसे एनएसीएच का नाम दिया गया है। इस ऐप के जरिए आपकी ट्रांसफर मनी या किसी भी तरह के लोन की किस्त कटने पर मैसेज मिल जाएगा।

- किसी परिचित को रकम ट्रांसफर करनी हो तो ऐप से की जा सकेगी।

म.प्र. के तमाम बड़े शहरों को पहले चरण में एनएसीएच सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इस नई प्रणाली से देश के किसी भी बैंक से एक दिन के भीतर क्लियरिंग की जा सकेगी, जहां अभी तक क्लियरिंग हाउस की परेशानी से एकाउंट होल्डर परेशान होते आए हैं। -संदीप कुमार, डीजीएम भारतीय, रिजर्व बैंक एमपी, सीजी रीजन

जबलपुर के सभी बैंकों के खाता धारकों को अब नई प्रणाली का लाभ दिया जाने लगा है। आसपास के जिलों को भी इस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। -डॉ. पीके गुप्ता, लीड बैंक मैनेजर

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