प्रदूषण से नहीं पड़ना है बीमार तो इन तरीकों से बढ़ाएं इम्यूनिटीUpdated: Sat, 21 Oct 2017 02:51 PM (IST)

अगर आप प्राकृतिक रूप से इम्यूनिटी बढ़ाना चाहते हैं तो आपको ये चीजें आज ही अपनी जीवन में उतार लेना चाहिए।

मल्टीमीडिया डेस्क। दिन-ब-दिन प्रदूषण बढ़ रहा है। दिल्ली में प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर बैन किया था। कोई भी राज्य ऐसा नहीं है जो कि प्रदूषण से परेशान न हो। लेकिन इन सबके बीच अगर आपकी इम्यूनिटी अच्छी नहीं होगी तो आप बार-बार बीमार पड़ेगे। अगर आप प्राकृतिक रूप से इम्यूनिटी बढ़ाना चाहते हैं तो आपको ये चीजें आज ही अपनी जीवन में उतार लेना चाहिए।

मिट्टी के बर्तन से पानी पिएं

पहले तो हर घर में मिट्टी का बर्तन या मटका होता था जिसका पानी ही लोग पीते थे। आज भले गी प्लास्टिक का बना आरओ वॉटर सिस्टम आ गया हो लेकिन मटके में पानी भरना, पानी का पीएच मेंटेन करने में मदद करता है लेकिन प्लास्टिक में स्टोर करने पर इसका पीएच गड़बड़ा जाता है। पानी का संतुलित पीएच एसिडिटी और पेट से जुड़ी समस्या से छुटकारा पाने में मदद करता है। इससे आपकी इम्यूनिटी भी बढ़ती है। अगर आप आरओ यूज भी कर रहे हैं तो इसके फिल्टर होने के बाद इस पानी को मिट्टी के मटके में रख लें और उसे ही पिएं।

खाने में ज्यादा हो हल्दी

जब आप छोटे थे और जब चोट लग जाती थी तो सबसे पहले आपकी मां या दादी आपको क्या लेने का कहती थी, याद है? हल्दी वाला दूध। तथ्य यह है कि हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती है। आप भले ही नियमित रूप से हल्दी वाला दूध न पिए लेकिन अपने खाने में हर दिन ज्यादा हल्दी शामिल करें। दाल, सब्जी जो भी आपके घर में बनें उसमें हल्दी की मात्रा ज्यादा हो।

बच्चों को चलने दें नंगे पैर

अगर आपके छोटे बच्चे हैं और इस प्रदूषण के माहौल में उनकी चिंता है तो उनके इम्यूनिटी बढ़ाने का सटिक तरीका ये है। बिना हाइजिन के चिंता या गंदे होने की टेंशन छोड़कर घर में अपने बच्चे को एक घंटा नंगे पैर चलने दें। यह आपके बच्चे को बैक्टीरिया के गैर-खतरनाक प्रकार से संपर्क में आने देगा जिससे उसकी इम्यूनिटी भी बढ़ेगी।

फिर शुरू करें नीम का दातून

पहले के समय ब्रश नहीं होते थे, तब दातून का इस्तेमाल करते थे। नीम के रस के फायदे कितने होंगे कि कोल्ड और फ्लू मेडिसिन में इस्तेमाल होते हैं। ये भले ही कड़वा हो लेकिन आपके लिए बड़े काम का है। नीम की डंडी चबाने से आपके दांत चमकदार और मजबूत होंगे। कैविटीज से छुटकारा पा सकेंगे।

नाभि में लगाएं सरसों का तेल

नाभि में सरसों का तेल लगाने से आपके होंठ नहीं फटेंगे। सरसों के तेल को सर्कुलर मोशन में लगाए। यकृत और तिल्ली गैस्ट्रिक ज्यूस और पित्त के रस को निकालती है। यह खाना पचाने में मदद करता है।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.