प्याज में महाराष्ट्र की मोनोपॉली खत्म करेगा मध्‍यप्रदेशUpdated: Sun, 22 Jun 2014 09:33 PM (IST)

प्याज की कीमतों में उछाल लाने के बाद राज्य सरकार अपने किसानों को भंडारण की व्यवस्था उपलब्ध कराने जा रही है।

हरीश दिवेकर, भोपाल। महाराष्ट्र के व्यापारियों द्वारा प्याज की कीमतों में उछाल लाने के बाद राज्य सरकार अपने किसानों को भंडारण की व्यवस्था उपलब्ध कराने जा रही है। इतना ही नहीं महाराष्ट्र की तर्ज पर मप्र में भी प्याज की दो फसल लेने की तैयारी की जा रही है। इसके चलते उद्यानिकी विभाग ने इस वर्ष 5 हजार हेक्टेयर में खरीफ की फसल लेने की तैयारी की जा रही है, वहीं किसानों को वेंटिलेटर गोदाम बनाने के लिए अनुदान देने की भी योजना लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

देश में प्याज उत्पादक में महाराष्ट्र के बाद मध्यप्रदेश का नंबर आता है, लेकिन मप्र में प्याज के भंडारण की व्यवस्था मात्र 5 प्रतिशत होने के कारण दूसरे राज्यों के व्यापारी यहां से प्याज ले जाते हैं। वहीं महाराष्ट्र के व्यापारी 60 प्रतिशत प्याज का भंडारण कर लेते हैं और फिर प्याज की आवक कम दर्शाकर दाम बढ़ाते हैं।

इसके चलते मप्र ने केन्द्र सरकार को प्याज के भंडारण के लिए किसानों को अनुदान देने के लिए पत्र लिखा है। राज्य सरकार का मानना है कि यदि मप्र में प्याज की दूसरी फसल अच्छे से आती है और पर्याप्त प्याज भंडारण की व्यवस्था होती है तो महाराष्ट्र के व्यापारी प्याज के दामों पर अपना नियंत्रण नहीं कर पाएंगे।

ढलान वाले क्षेत्रों पर लगेगी खरीफ में प्याज

उद्यानिकी विभाग ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीफ में प्याज लगाने के लिए ऐसे ढलान वाले क्षेत्र चिन्हित किए जाएं। जहां पानी एक जगह नहीं ठहरे और बारिश आने पर उसका पानी भी बह जाए। कारण कि खरीफ सीजन में प्याज उगाना एक कठिन प्रक्रिया है। विभाग ने इसके लिए बुंदेलखंड सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात कही है।

80 हजार से डेढ़ लाख का अनुदान

प्याज के लिए वेंटिलेटर गोदाम बनाने के लिए राज्य सरकार 25 मीट्रिक टन के लिए 80 हजार और 50 मेट्रिक टन के लिए 1.60 लाख का अनुदान देगी। इस गोदाम में दीवार की जगह चारों और लोहे की जालियां लगाई जाएंगी, जिससे प्याज को हवा लगती रहे।

एक नजर में

मप्र में प्याज उत्पादन 27 से 29 लाख और भंडारण व्यवस्था मात्र 85 हजार मीट्रिक टन।

महाराष्ट्र में प्याज उत्पादन 32 से 35 लाख और भंडारण व्यवस्था 15 लाख मीट्रिक टन।

इनका कहना है

प्याज की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए मप्र अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए हम साल में प्याज की दो बार फसल लेने और वेंटिलेटर गोदामों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

-राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव कृषि एवं उद्यानिकी विभाग

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