कैंसर के पहले शरीर दे देता है ये संकेत, बिल्कुल न करें नजरअंदाजUpdated: Sat, 09 Sep 2017 09:58 AM (IST)

यदि बिना किसी प्रयास के शरीर का वजन चार-पांच किलो से ज्यादा कम हो जाए, तो इसे कैंसर के प्राथमिक लक्षण हो सकता है।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2016 में करीब 16 लाख 85 हजार 210 अमेरिकियों में कैंसर डायग्नोज किया गया था। यह कहा जा रहा है कि हमारे देश में भी कैंसर पहुंच रहा है और इससे हर कोई प्रभावित होगा। फिर चाहें उसका कोई दोस्त, परिवार का सदस्य या व्यक्तिगत रूप से वह व्यक्ति में ही कैंसर डायग्नोज किया जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि 39.6 फीसद पुरुष और महिलाएं अपने जीवनकाल में कैंसर का पता लगाएंगे।

जब तक प्रभावी तरीके से हम यह नहीं बता सकते हैं कि हर प्रकार के कैंसर का कारण क्या होता है, तब तक हम सबसे आम लक्षणों को समझने की कोशिश कर सकते हैं। हमारे शरीर को जानने और उस पर ध्यान देकर हम कैंसर को लक्षणों को पहचान सकेंगे।

आंत में समस्‍या -

आंतों में सामान्‍य समस्‍या होना बड़ी बात नहीं, लेकिन अगर लगातार आंतों में समस्‍या है तो यह कोलेन या कोलोरेक्‍टल कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। डायरिया और अपच की समस्‍या इस लक्षण को दर्शाते हैं। इसके कारण पेट में गैस और पेट में दर्द की समस्‍या भी हो सकती है।

खून का बहना -

लगातार खून का बहना भी कैंसर का लक्षण हो सकता है। अगर कैंसर की संभावना है तो इसके कारण खून मलाशय के द्वारा बाहर निकलता है। य‍ह कोलेन कैंसर का लक्षण है। इसके साथ ही यदि मल-मूत्र त्यागने के समय अगर पीड़ा होती है या मूत्र में रक्त की मौजूदगी पाई जाती हो तो ये प्रोस्टेट कैंसर अथवा डिम्बग्रंथि कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। महिलाओं में अगर मासिक चक्र के बाद भी रक्त स्राव नहीं रुकता है, तो महिलाओं को ध्यान देने की जरूरत है।

रात में पसीना निकला -

यदि रात में सोते वक्त पसीना अधिक निकलता है, तो यह किसी दवा के शरीर में रिएक्शन या शरीर के अंदर किसी इंफेक्शन का संकेत है। यदि यह स्थिति कई हफ्तों तक बनी हुई है और पसीना निकलना बंद नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

बदन दर्द होना या कमजोरी लगना -

काम की अधिकता और गलत तरीके से बैठने के कारण बदन में दर्द होना सामान्‍य है। मगर, लगातार पीठ में दर्द हो रहा हो, तो यह कोलोरेक्‍टल या प्रोस्‍टेट कैंसर का कारण हो सकता है। इसके अलावा कमर के आस-पास की मांसपेशियों में भी दर्द होता है। बिना वजह ही जरूरत से ज्यादा थकान लगती है, तो यह भी कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

वजन कम होना -

अगर बिना किसी कारण के आपका वजन कम हो रहा है, तो कैंसर का शुरूआती लक्षण हो सकता है। भूख लगने में कमी होना, ज्यादा खाना नहीं खा पाना भी इसके लक्षण है। यदि बिना किसी प्रयास के शरीर का वजन चार-पांच किलो से ज्यादा कम हो जाए, तो इसे कैंसर के प्राथमिक लक्षण हो सकता है।

लगातार खांसी आना -

कोल्‍ड और फ्लू के अलावा धूम्रपान करने वालों को खांसी आती है। मगर, बिना किसी कारण से लगातार खांसी आये तो यह लंग कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। अगर खांसी के साथ खून भी आए, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। गले में तकलीफ होने पर, खाना निगलने में परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

सीने में जलन और अपच -

सीने में जलन और अपच दोनों अपेक्षाकृत आम समस्याएं हैं। खासतौर पर ज्यादा खाना खाने, मसालेदार खाना खाने से ऐसा होना आम है। मगर, जब ऐसा लगातार हो रहा है, तो ये लक्षण चिंता का कारण बन जाते हैं।

बचना है तो बस खाएं करेला

फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फलियों से बना संतुलित आहार, आवश्यक विटामिन और मिनरल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। लेकिन आपको आश्चर्य होगा कि इनमें से एक ऐसी चीज है जो कि कैंसर को मात दे सकती है। आपको करेला खाने में भले ही कड़वा लगे लेकिन इस बड़े फायदे हैं। अगर आप अपने खाने में करेले का सेवन करते हैं, तो कैंसर का इलाज हो सकता है।

रोजाना एक गिलास करेले का ज्यूस पीने से अग्नाशय का कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाएं नष्ट होती हैं। अग्नाशयी कैंसर से निपटने के लिए इसके 72% और 90% तक सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इससे बना ज्यूस ग्लूकोज की कैंसर कोशिकाओं से हमारे शरीर को दूर रखने में मदद करता है।

चूहों पर हुई रिसर्च में पाया गया कि करेले के ज्यूस के सेवन से चूहों में 64 प्रतिशत ट्यूमर कम हो गया जो कि कैंसर के इलाज में कीमोथैरेपी की अपेक्षा ज्यादा प्रभावी था। चिकित्सा जगत में यह खोज कि किस तरह यह कैंसर कोशिशकाओं को नष्ट करता है, बहुत महत्वपूर्ण है।

इतना ही नहीं करेले के सेवन के और भी फायदे हैं। दमा होने पर बिना मसाले की छौंकी हुई करेले की सब्जी खाने से फायदा होता है। पेट में गैस बनने या अपच होने पर करेले का ज्यूस पीना चाहिए। इस ज्यूस को रोजाना पीने से पाचन क्रिया सही रहती है जिससे भूख बढ़ती है| उल्टी-दस्त या हैजा होने पर करेले के रस में थोड़ा पानी और काला नमक मिलाकर सेवन करने से तुरंत लाभ मिलता है।

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