चेहरे की मुस्कुराहट छीन सकते हैं दांत साफ करने वाले पाउडरUpdated: Fri, 28 Aug 2015 11:51 AM (IST)

दंत पाउडर से कुछ ही दिनों में दांतों को चमकाने का कोई दावा करे, तो उसके झांसे में बिलकुल न आएं।

नई दिल्ली (ब्यूरो)। दंत पाउडर से कुछ ही दिनों में दांतों को चमकाने का कोई दावा करे, तो उसके झांसे में बिलकुल न आएं। उन पाउडरों का खुरदरापन चेहरे की मुस्कुराहट छीन सकता है। एम्स के दंत शिक्षा और अनुसंधान केंद्र के नौ तरह के पाउडरों पर अध्ययन करने के बाद यह दावा किया है कि ये दांतों और मसूड़ों के लिए खतरनाक होते हैं। इनके इस्तेमाल से दांत गिर भी सकते हैं। एम्स ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी यह रिपोर्ट भेजी है।

एम्स का यह अध्ययन इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि लोग दांतों की बीमारियों को गंभीरता से नहीं लेते। देश में करीब 95 फीसद लोगों को मसूड़ों की परेशानी है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज करते हैं। धीरे-धीरे यह बीमारी गंभीर हो जाती है। एम्स के डॉक्टरों के अनुसार करीब 45 फीसद लोगों में गंभीर रूप से मसूड़ों की परेशानी है। दिक्कत यह है कि लोग दांतों के इलाज के लिए डॉक्टरों के पास नहीं जाते।

एम्स के इस सेंटर को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले साल अपना सहयोगी केंद्र घोषित किया है। दांतों के इलाज के मामले में इसे देश का उत्कृष्ट केंद्र भी घोषित किया गया है। इसके तहत इसे देशभर में राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाने की जिम्मेदारी दी गई है।

एम्स के निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा ने गुस्र्वार को राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम की वेबसाइट शुरू की। इस दौरान उन्होंने दांतों की सफाई को सेहत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि दांत और मुंह स्वस्थ नहीं है, तो शरीर का पाचन तंत्र और हृदय प्रभावित होता है।

कई गंभीर बीमारियां भी होती हैं। दंत शिक्षा और अनुसंधान केंद्र की प्रमुख डॉ. नसीम शाह ने कहा कि देशभर के लोगों में दांतों व मसूड़ों की सड़न एक बड़ी समस्या है। गर्भवती महिलाओं में यह परेशानी होने पर बच्चा कुपोषित हो सकता है। इसलिए खाने के बाद दांतों की सफाई जरूरी है। खाना खाने के बाद मीठा खाने से परहेज करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दांत साफ करने में पाउडर का इस्तेमाल भी हो रहा है। लोग अंगुली के जरिए पाउडर से दांत साफ करते हैं। एम्स में किए गए अध्ययन में पाया गया है कि उन पाउडरों में खुरदरे तत्व होते हैं, जिनसे दांत अधिक घिस जाते हैं। इससे दांत गिर भी सकते हैं। अध्ययन के दौरान उन पाउडरों की तुलना एक टूथ पेस्ट से की गई।

रेडियो और वीडियो से चलेगा जागरूकता अभियान

तंबाकू, पान मसाला आदि के इस्तेमाल से दांत और मसूड़े प्रभावित होते हैं। इससे मुंह का कैंसर भी होता है। लोगों को जागरूक करने के लिए देशभर में रेडियो, वीडियो, पोस्टर आदि पर अभियान चलाया जाएगा। डॉक्टरों ने 30 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'कृपया मुस्कुराते रहिए' तैयार की है। इस फिल्म को सभी डेंटल अस्पतालों में प्रसारित किया जाएगा। इस तरह लोगों को दांतों की बीमारियों के प्रति जागरूक व शिक्षित किया जाएगा।

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