शादी से पहले ससुराल में शौचालय के लिए युवती ने प्रशासन को लिखा पत्रUpdated: Thu, 17 Mar 2016 09:09 PM (IST)

युवती ने बालोद जिला पंचायत को मुख्यमंत्री के नाम चिट्ठी लिखकर शौचालय बनाने की मांग की।

बालोद। बालोद में स्वच्छ भारत मिशन अभियान उस वक्त सफल होता नजर आया, जब राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम महरुम की एक विकलांग (अस्थि बाधित) युवती ने बालोद जिला पंचायत को मुख्यमंत्री के नाम चिट्ठी लिखकर शौचालय बनाने की मांग की।

इसमें उन्होंने कहा है कि उसकी शादी बालोद जिले में हो रही है। जिस घर में शादी तय हुई है वहां शौचालय नहीं बना है। इसलिए वहां शौचालय बनाया जाए। राजनांदगांव जिले ग्राम महरुम निवासी कु गंगा का रिश्ता बालोद जिले के डौंडीलोहारा ब्लाक के ग्राम अर्जुनी खैरकट्टा में एवन कुमार पिता झुलराम साहू के यहां तय हुआ है।

पत्र में गंगा ने कहा है कि उसके ससुराल के लोग गरीबी रेखा के अंतर्गत जीवन यापन करते हैं। इसके चलते वे शौचालय नहीं बना सके हैं। कु. गंगा ने मांग करते हुए लिखा है कि चूंकि उसका विवाह तय हो चुका है, अत: विवाह पूर्व उसके ससुराल में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय बनाया जाए।

ज्ञात हो कि राज्य शासन द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जागरुकता अभियान चलाकर राज्य के प्रत्येक गांव को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए अनेक योजनाओं के साथ-साथ जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। एक ओर जहां इस अभियान के बाद भी लोग इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, तो वहीं राजनांदगांव जिले की एक नि:शक्त द्वारा विवाह पूर्व ससुराल में शौचालय बनाने की मांग कर एक अनुकरणीय पहल की है।

पत्र मिलते ही कलेक्टर ने शुरू कराया काम

कु. गंगा की मांग के उपरांत जिलाधीश राजेश सिंह राणा के निर्देश पर तत्काल स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत एवन कुमार के घर में शौचालय का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। तो वहीं जिला पंचायत सीईओ पद्मिनी भोई के नेतृत्व में विभाग बालोद जिले के लिए कु. गंगा को आदर्श मानते हुए पुरस्कृत करने की तैयारी में जुट गया है।

लोगों को बता रहे शौचालय का महत्व

ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय बालोद सहित गुरूर, गुण्डरदेही, डौंडी एवं डौंडीलोहारा ब्लाक के अंदरुनी क्षेत्रों को शौचमुक्त ग्र ाम बनाए जाने के लिए लगातार जिला पंचायत के सभागार में सरपंचों की बैठक के साथ-साथ गांव-गांव घूम-घूम कर जिलाधीश स्वयं शौचमुक्त ग्राम होने के फायदे से ग्रामीणों को अवगत करा रहे हैं।

प्रोजेक्टर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के सांस्कृतिक भवनों में स्वच्छता से होने वाले लाभ संबंधित टेलीफिल्म दिखाकर ग्रामीणों को जागरुक करने महाअभियान चलाए हुए हैं। ऐसी स्थिति में एक नि:शक्त राजनांदगांव जिले की कु. गंगा की मांग ने स्वच्छ भारत मिशन को एक साकार रूप प्रदान किया है। इसको लेकर जिले भर में हर्ष व्याप्त है।

कन्या विवाह योजना का मिला लाभ

ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले की छुरिया में रहने वाली कु. गंगा अस्थि बाधित है तथा इनके विवाह के लिए राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत कन्या विवाह के लिए 30 हजार रुपए की सहायता राशि भी प्रदान की जा रही है। तो वहीं कु. गंगा द्वारा विवाह पूर्व शौचालय की मांग करते हुए बताया कि वह खुले में शौच करने नहीं जाना चाहती। इसके चलते उसके द्वारा विवाह पूर्व ससुराल में शौचालय बनाने की मांग की है।

इनका कहना है

राजनांदगांव जिले की कु. गंगा द्वारा डौंडीलोहारा ब्लाक में विवाह तय होने की जानकारी देने के साथ ही विवाह पूर्व ससुराल में शौचालय बनाने की मांग की है। मांग के उपरांत शौचालय के लिए राशि स्वीकृत कर शौचालय का कार्य प्रारंभ करवा दिया गया है। कु. गंगा ने शौचालय की मांग कर एक अनुकरणीय पहल की है। बालोद जिले के लिए यह एक आइडिल महिला है। इसके लिए विभाग द्वारा इसे पुरस्कृत किया जाएगा।

पद्मिनी भोई सीईओ जिला पंचायत बालोद

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