महिला दिवस पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पर्दाप्रथा का गुणगानUpdated: Sat, 08 Mar 2014 07:34 AM (IST)

बुरका पहने छात्राएं इस सामूहिक चर्चा में हिस्सा ले रही हैं कि किस तरह पर्दा महिलाओं के वजूद का सबसे बड़ा प्रमाण है।

अलीगढ़। महिला दिवस पर आज जहां पूरे देश में महिला अधिकारों की बातें हो रही हैं, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में पर्दाप्रथा के गुणगान वाला तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

एएमयू के अब्दुल्ला महिला होस्टल में छात्रों के एक संगठन द्वारा यह आयोजन किया गया है। यहां बुरका पहने छात्राएं इस सामूहिक चर्चा में हिस्सा ले रही हैं कि किस तरह पर्दा महिलाओं के वजूद का सबसे बड़ा प्रमाण है। वहां पूंजीवाद की आलोचना की जा रही है, क्योंकि इसमें आर्थिक आत्मनिर्भरता और महिलाओं के कैरियर को प्रमुख स्थान दिया गया है।

खासतौर पर बुलाई गईं मॉडल बता रही हैं कि बुरका कैसे पहना जाता है। हालांकि यहां पहेज प्रथा, भ्रूणहत्या, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे विषय भी चर्चा में रखे गए हैं।

आयोजन स्टूटेंड्स ऑफ एएमयू नामक संगठन ने किया है। आयोजकों का कहना है कि उन्होंने इसके लिए उपकुलपति से अनुमति ली है।

विवाद भी...

यूनिवर्सिटी से मुख्य द्वार पर विशाल बैनर लगा है, जिस पर वरिष्ठ वकील और महिला कार्यकर्ता वृंदा गोवर की तस्वीर भी है। उन्हें बतौर वक्ता बुलाया गया है। हालांकि वृंदा ने इसका खंडन किया है। उनका कहना है कि जब मुझे आयोजकों के बारे में पता चला तो नाम वापस ले लिया।

क्या कहते हैं आयोजक

आयोजकों में से एक लॉ के छात्र अमन अंसारी का कहना है कि हम महिलाओं की समस्याओं का इस्लामिक समाधान पेश कर रहे हैं।

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