इस ग्रामीण ने बनाया रोटी मेकर, 1 घंटे में 180 रोटियां होती हैं तैयारUpdated: Tue, 05 Dec 2017 04:51 PM (IST)

रोटी मेकर ईजाद किया है जो कि पारंपरिक खाना बनाने की विधि से होने वाले प्रदूषण में करीब 80 प्रतिशत की कटौती कर देगा।

मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। कर्नाटक के छोटे से गांव के रहने वाले बोम्‍माई ने एक ऐसा अनोखा रोटी मेकर ईजाद किया है जो कि पारंपरिक खाना बनाने की विधि से होने वाले प्रदूषण में करीब 80 प्रतिशत की कटौती कर देगा।

41 साल के बोम्‍माई हमेशा से ऐसे ही रोचक प्रयोग करते आए हैं। अपनी साइकिल की दुकान में भी वे नई-नई मशीनरी बनाया करते थे। आर्थिक समस्‍या के चलते वे अधिक पढ़ाई नहीं कर सके।

उन्‍हें बीच में ही पढ़ाई छोड़ना पड़ी। उनका रूझान शुरू से ही ऐसे प्रयोगों की ओर रहा है जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में गृहस्‍थी की उपयोगी चीज़ों में कम परिश्रम लगे।

ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक तरीक से रोटी बनाना बहुत मेहनत का काम है। इस बात से परेशान होकर बोम्‍माई ने तय किया कि वे कुछ ऐसा बनाएंगे जिससे कि रोटी बनाना आसान हो सके।

उन्‍हें खुद रोटियां बहुत पसंद हैं। वे अपनी मां को यह कठिन काम करते हमेशा देखते थे।

उनकी मां रोटियों को गर्म रखने के लिए अखबार में लपेट दिया करती थीं। यह देख उन्‍हें नए आविष्‍कार का ख्‍याल आया।

बोम्‍माई की रोटी मेकर मशीन सौर ऊर्जा और एसी करंट दोनों से चलती है। इसकी लागत 15 हज़ार रुपए आई है। इसे ऑपरेट करना आसान है।

इसका आकार किसी सामान्‍य इंडक्‍शन की तरह ही है और वज़न 6 किलो है। एक घंटे में यह मशीन 180 रोटियां बना सकती हैं।

बोम्‍माई खुशी से कहते हैं कि अब उनकी मां बहुत खुश हैं और बिना मेहनत के बहुत सारी रोटियां बना सकती हैं।

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