बच्‍चों को यौन हिंसा के खतरे से ऐसे बचाएंUpdated: Sat, 09 Sep 2017 08:25 PM (IST)

यही समय है कि पेरेंट्स अपने बच्‍चों को वह सब सिखाएं जो कि उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।

मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। गुरुग्राम के रियान इंटरनेशनल स्‍कूल के सात वर्षीय प्रद्युम्‍न की हत्‍या ने देश को झकझोर दिया है। स्‍कूल के बाथरूम में उसकी लहूलुहान लाश पाई गई।

जांच के बाद पुलिस ने बस कंडक्‍टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह बच्‍चे का शारीरिक शोषण कर रहा था, जिसका विरोध करने पर कंडक्‍टर ने बच्‍चे की चाकू से हत्‍या कर दी।

यही समय है कि पेरेंट्स अपने बच्‍चों को वह सब सिखाएं जो कि उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है। उन्‍हें सिखाएं क्‍या सही है, क्‍या गलत, क्‍या भरोसे के लायक है, क्‍या नहीं। आइये इन पांच बातों से जानते हैं कि बच्‍चों को क्‍या सिखाया जाए।

1. बच्‍चों को सिखाएं कि रोज घर आकर वे आपको बताएं कि स्‍कूल में उनका दिन कैसा बीता। उनसे ऐसा नाता बनाएं कि वे किसी भी विषय पर सहज होकर बात कर सकें। उनके साथ होने वाले बुरे बर्ताव पर एक्‍शन लेना आपकी जिम्‍मेदारी है।

2. बच्‍चों को शरीर के अंगों के प्रति अवेयर करें। यह असुविधाजनक जरूर होगा लेकिन यह अनिवार्य है कि आप उनसे शारीरिक अंगों के बारे में बात करें। उन्‍हें बताएं कि कपड़े बदलते समय मदद के लिए और डॉक्‍टर के पास जाने के अलावा कोई भी इन अंगों को ना छू सके।

3. गुड टच और बेड टच का अंतर बच्‍चों को पता होना जरूरी है। उनसे पूछें कि क्‍या घर, परिवार या स्‍कूल में कोई उन्‍हें गलत जगह टच कर रहा है। उन्‍हें ये भी सिखाएं कि यदि कोई ऐसा कर रहा है तो उसे साफ मना करें।

4. बच्‍चों को सिखाएं कि उन्‍हें किस पर कितना भरोसा करना चाहिये। हो सकता है वे जिस पर भरोसा कर रहे हैं, वही उनके लिए खतरनाक साबित हो। उन्‍हें यह बताएं कि जब भी उन्‍हें कोई गलत ढंग से छूता है तो किसी बड़े व्‍यक्ति को आकर कहें।

5. एक अभिभावक का यह दायित्‍व है कि हर असामान्‍य हालत में वे बच्‍चों से आगे रहकर बात करें। यदि बात करके पता चलता है कि बच्‍चे के साथ लैंगिक शोषण हुआ है तो ऐसे में जल्‍द से जल्‍द इसकी रिपोर्ट करें।

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