ये है डाइटिंग का असली मतलब, यहां जाने डाइटिंग का सही फंडाUpdated: Fri, 08 Sep 2017 03:31 PM (IST)

डाइटिंग करने से पहले आप पहचाने कि किस प्रकार से डाइटिंग करनी चाहिए और किस प्रकार का भोजन जरूरी है।

मल्टीमीडिया डेस्क। डाइटिंग मतलब खाने-पीने में तमाम तरह की पाबंदियां। शायद यही मतलब 'डाइटिंग' शब्द से निकाला जाता है, जबकि ऐसा नहीं है। डाइटिंग यानी सही समय पर सही मात्रा में सही खाना। कई बार लोग फेसबुक, व्हाट्सऐप पर आए मैसेजेस पढ़कर या किसी से भी आधी-अधूरी जानकारी लेकर खुद का डाइट प्लान कर लेते हैं। लेकिन इस तरह की डाइटिंग फायदा तो नहीं पहुंचाएगी, उलटा भारी नुकसान हो सकता है। डाइटिंग को लेकर जरूरी तमाम बातें जानीमानी डायटीशियन डॉ. संगीता मालू ने नईदुनिया फेसबुक लाइव पर शेयर की।

डॉ. संगीता के मुताबिक डाइटिंग मतलब फास्टिंग। लोग इस शब्द का गलत मतलब समझते हैं और उसे अप्लाई करते हैं। वजन कम करने के लिए वे डाइटिंग करते हुए मील स्किप कर देते हैं। लेकिन उनकी यह सबसे बड़ी गलती है। वे यह नहीं जानते कि इस तरह की डाइटिंग से आपकी खाने की क्षमता और बढ़ जाती है। यह बिलकुल भी सही तरीका नहीं है। लोग डाइटिंग के चक्कर में इतना कम खाने लगते है और इतनी गलत खुराक लेते हैं कि वजन कम तो क्या , उन्हें अनेकों प्रकार की कमजोरियां महसूस होने लगती है। इसलिए डाइटिंग करने से पहले आप पहचाने कि किस प्रकार से डाइटिंग करनी चाहिए और किस प्रकार का भोजन जरूरी है। यह जानकारी बहुत जरूरी है कि आपको कब, क्या और कितना खाना चाहिए।

इसके अलावा डॉ. संगीता ने बताया कि एक सामान्य व्यक्ति को दिनभर में ऐसा डाइट फॉलो कर सकता है। सुबह उठकर गुनगुना नीबू पानी, दो-तीन तुलसी खाएं जो कि एंटी-ऑक्सीडेंट है। वॉकिंग करें। उसके बाद दूध पिएं। फल खाएं। नाश्ता जरूर लें जिसमें बेसन का चीला, स्प्राउट्स, उपमा, दलिया, भेल ले सकते। लंच में दाल, चपाती, सब्जियां चावल, चटनी, दही, सलाद लें। ईवनिंग स्नैक्श में पॉपकोर्न, रोस्टेड चना आदि, फ्रूट्स ले सकते है। डिनर हल्का होना चाहिए।

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.