'पद्मावती' के विरोध में राजस्थान के राजपूत सड़कों परUpdated: Mon, 06 Nov 2017 01:50 PM (IST)

फिल्म के विरोध में उदयपुर, चित्तौड़गढ़, नागौर, उदयपुर और जोधपुर सहित एक दर्जन शहरों में दो दिन से राजपूत समाज प्रदर्शन कर रहा है।

जयपुर। फिल्म 'पद्मावती' को लेकर राजस्थान में विरोध जारी है। श्री राजपूत करणी सेना सहित विभिन्न राजपूत संगठनों ने फिल्म का प्रदर्शन किसी भी हालत में नहीं होने की चेतावनी दी है।

करणी सेना का कहना है कि विरोध के लिए वह किसी भी स्थिति तक जाने को तैयार नहीं है। वहीं राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा, विरोध करने वाले अपना काम करेंगे और पुलिस अपना काम करेगी।

कटारिया ने कहा कि यदि 'पद्मावती' फिल्म में कुछ गलत दिखाया गया है, तो उसमें सुधार किया जाना चाहिए, फिल्म में पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए, यदि फिल्म में कोई गलत अंश है, तो उसमें सुधार किया जाना चाहिए ।

गृह मंत्री ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ यह समझ रहे हैं कि वो ही रानी पद्मावती के हितैषी हैं, तो गलत है। रानी पद्मावती सिर्फ किसी जाति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतीक है। श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेडी का कहना है कि राजस्थान ही नहीं देश के किसी भी हिस्से में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा।

करणी सेना फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देगी -

फिल्म का प्रदर्शन रोकने के लिए राजपूत समाज किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली को कई बार विवादित तथ्य हटाने को कहा, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं है, अब करणी सेना के कार्यकर्ता फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देंगे।

फिल्म के विरोध में उदयपुर, चित्तौड़गढ़, झुंझुनू, नागौर,भीलवाड़ा, बीकानेर, उदयपुर और जोधपुर सहित एक दर्जन शहरों में पिछले दो दिन से राजपूत समाज द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। महिलाएं भी इनमें शामिल हो रही है।

करणी सेना का विरोध रहेगा जारी -

करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह का कहना है कि जिला कलेक्टरों को ज्ञापन देकर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की जा रही है। जयपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रानी पद्मावती भारत के इतिहास के गौरव और आन-बान-शान का प्रतीक है। ऐसे में फिल्म के साथ छेडछाड़ बर्दाश्त नहीं की जा सकती ।

इधर फिल्म के उदयपुर में रोक लगाने को लेकर उदयपुर पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय से कथित आदेश जारी होने पर जयपुर से लेकर मुम्बई तक हड़कंप मच गया। बाद में सामने आया कि जिला कलेक्टर ने फिल्म पद्मावती के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने का पत्र जारी किया था।

इस पर जिला पुलिस अधीक्षक ने उप अधीक्षक को कानून व्यवस्था बनाए रखने के आदेश जारी किए थे। इसी का एक आॅडियो वायरल हो गया, जिसमें कहा गया कि उदयपुर में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लग गई है।

उल्लेखनीय है कि फिल्म निर्माण के समय जयपुर के आमेर किले में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने निर्माता संजय लीला भंसाली और उनकी यूनिट के सदस्यों के साथ मारपीट की थी। कार्यकर्ताओं ने फिल्म निर्माण का पूरा सेट तोड़ दिया था।

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