15 दिन के 450 ग्राम के बच्चे का हुआ सफल हार्ट आॅपरेशनUpdated: Wed, 17 May 2017 12:33 PM (IST)

बच्चे के दिल की दोनों धमनियां जुड़ी हुई थी और उसकी जान को खतरा था।

जयपुर। राजस्थान के उदयपुर में एक निजी अस्पताल में डाॅक्टरों ने 15 दिन के 450 ग्राम वजन के एक नवजात का सफल हार्ट आॅपरेशन किया है। बच्चे के दिल की दोनों धमनियां जुड़ी हुई थी और उसकी जान को खतरा था।

उदयपुर निवासी एसपी जैन व उनकी पत्नी आईवीएफ तकनीक से वर्षों बाद माता-पिता बने है। बच्चा समय पूर्व सात महीने में ही पैदा हो गया। नवजात को पैदा होते ही सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और उसके फेफड़ें सही तरीके से काम नहीं कर पा रहे थे। उसे उदयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डाॅक्टरों ने उसकी एंजियोग्राफी की तो पता चला कि नवजात के हृदय से निकलने वाली दो मुख्य धमनियां आपस में जुड़ी हुई है। जब बच्चा मां के गर्भ में होता है तब तक ये आपस में जुड़ी रहती है जिससे बच्चा जीवित रह सके परन्तु जन्म के बाद यह धमनियां प्राकृतिक रुप से बंद हो जाती है। यदि किसी बच्चे की धमनियां प्राकृतिक रुप से बंद नहीं हो पाती है तो उसका उपचार दवाईयों द्वारा भी संभव है परन्तु इस मामले में दवाईयों से भी उपचार नहीं हो पा रहा था।

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नवजात के फेफड़ों एवं हृदय में सूजन आ गई थी और फेफड़ों में आवश्यकता से अधिक रक्त प्रवाह हो रहा था जिससे वह सांस नहीं ले पा रहा था। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। धमनियों के जुड़े होने से हृदय पर अधिक दबाव पड़ रहा था जिससे नवजात की कभी भी मृत्यु हो सकती थी।

तमाम जांचों के बाद डाॅक्टरों ने इसका आॅपरेशन करना तय किया। ऑपरेशन में आधे घंटे का समय लगा। सर्जरी में कोटरी मशीन जिसके द्वारा ऊतकों को खोला गया ताकि रक्तस्त्राव न हो। इन धमनियों के जुड़ाव से फेफड़ों में आवश्यकता से अधिक रक्त प्रवाह हो रहा था जिसको क्लिप व सर्जिकल टांकों से बंद किया गया। इससे रक्त प्रवाह कम एवं सामान्य हो पाया।

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