राम रहीम की पोल खोलने वाली पीड़ित साध्वी बोली- ना पहले डरी, ना अब डरूंगीUpdated: Tue, 29 Aug 2017 11:33 AM (IST)

महिला ने कहा है कि मैंने जब 2009 जब इसके खिलाफ गवाही दी थी ना तो मैं तब डरी थी और ना ही आज डर रही हूं।

पंचकुला। 14 साल पुराने मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम को 20 साल की सजा हो चुकी है। इस मामले को सामने लाने वाली और गवाही देकर सजा तक पहुंचाने वाली महिला का इस मामले में बयान आया है। महिला ने कहा है कि मैंने जब 2009 जब इसके खिलाफ गवाही दी थी ना तो मैं तब डरी थी और ना ही आज डर रही हूं।

लगभग 40 वर्षीय महिला ने सोमवार को अपने रिश्‍तेदार के फोन से ‘द हिंदू’ से बात कर बताया कि 2002 से लगातार वह पुलिस के संरक्षण में है, जब से पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अज्ञात पत्र की संज्ञान लेकर सीबीआइ को बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया।

डेरा संचालित कॉलेज की थी छात्रा

सीबीआइ ने 18 महिलाओं को डेरा प्रमुख के खिलाफ गवाही देने के लिए मनाया लेकिन अदालत में दो ने ही उसके खिलाफ गवाही दी जिससे उसे सजा मिली। महिला ने कहा, ‘आज मुझे न्‍याय मिला है।‘ 24 अगस्‍त से महिला की सुरक्षा बढ़ा दी गयी। महिला के एक नजदीकी रिश्‍तेदार ने बताया कि जब वह सिरसा मुख्‍यालय के डेरा सच्‍चा सौदा संचालित कॉलेज में पढ़ रही थी तभी उसका यौन शोषण किया गया था। उन्‍होंने बताया कि अब महिला विवाहित है और दो बच्‍चों की मां है। महिला का बड़ा भाई भी डेरा प्रमुख का समर्थक था।

मर्डर केस में 16 को सुनवाई

रिश्‍तेदार ने बताया, 2002 में राम रहीम सिंह ने उसका मर्डर करवा दिया। राम रहीम को शक था कि उसके भाई ने ही अज्ञात पत्र लिखा है, जिससे उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की गयी। बहन के साथ हो रहे अत्‍याचार के बारे में उसका भाई जानता था। सीबीआई की ओर से मर्डर केस की भी जांच की जा रही है और इसकी अंतिम सुनवाई 16 सितंबर को शुरू होगी।

केस वापस लेने की धमकी मिली थी

महिला के पिता का निधन पिछले वर्ष हो गया जो वर्ष 2009 में जज के सामने बयान रिकार्ड कराते वक्‍त महिला के साथ थे। रिश्‍तेदार ने बताया, ‘2009 में ही बयान रिकार्ड कराने के लिए मात्र एक बार ही महिला कोर्ट गयी थी। उसके बाद की सभी सुनवाई में उसके पिता मौजूद रहे। डेरा प्रमुख के गार्ड कोर्ट में हथियारों के साथ आते थे। केस को आगे नहीं बढ़ाने को लेकर हमें धमकी दी गयी दबाव बनाया गया। डेरा प्रबंधन ने कहा कि इसके लिए हम जो भी रकम चाहेंगे वे इसका भुगतान करने को तैयार हैं।‘

रहम की भीख मांग रो रहा था दुष्‍कर्मी

रिश्‍तेदार ने बताया कि महिला न्‍याय पाने को बेचैन थी और सुबह से ही टीवी से चिपकी थी। सिरसा मुख्‍यालय से लौटने के तुरंत बाद एक किसान से उसकी शादी हो गयी। हमें वकीलों से पता चला कि जब 20 साल की सश्रम कारावास की सजा राम रहीम को दी गयी तो वह कोर्ट से रहम की भीख मांगते हुए फूट फूट कर रो रहा था। रोते हुए वह कोर्ट से बाहर जाने से इंकार कर रहा था। तब कमांडोज ने उसे खींचकर बाहर किया।

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